सिकंदर महान के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी | सिकंदर महान के महान विचार

सिकंदर महान के बारे में शायद ही किसी ने ना सुना हो। भारत में किसी के मुंह से भी आम तौर पर ये शब्द सुनने को मिल जाते हैं :- मुकद्दर का “सिकंदर” या फिर जो “जीता वो सिकंदर”

सिकंदर महान के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी

इस से एक बात तो सिद्ध होती है कि सिकंदर एक महान व्यक्ति का नाम था। इसीलिए उसके नाम के साथ भी महान शब्द का प्रयोग किया जाता है।

जी हाँ, हम बात कर रहे हैं सिकंदर महान के बारे में । सिकंदर महान का जन्म 20 जुलाई 356 ई.पू. हुआ था। सिकंदर पोरस की कहानी तो कई लोग जानते होंगे। आइये आज जानते हैं सिकंदर महान के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी के साथ ही महान विचार जिसके कारन सिकंदर सिकंदर से सिकंदर महान बन सका।

सिकंदर महान के बारे में रोचक तथ्य

1. सिकंदर के जन्म के समय इफेसस में स्थित एक मंदिर में आग लग गयी थी। जोकि प्राचीन सात अजूबों में से एक था। इस घटना को देखते हुए पूर्व के भविष्यवक्ताओं ने कहा था कि एशिया को नष्ट करने वाली ताकत का जन्म हो चुका है।

2. सिकंदर को आराम की जिंदगी पसंद नहीं थी वह बहुत ताकतवर राजा बनना चाहता था। जब उसे पता चलता की उसके पिता ने किसी राज्य पर विजय प्राप्त किया है तो उसे दुःख होता कि अगर उसके पिता ने ही सभी राज्य जीत लिए तो उसके लिए कुछ करने को बचेगा ही नहीं।

3. सिकंदर ऐसा राजा बनना चाहता था जिसका राज्य परेशानियों और मुसीबतों से घिरा हो। जिससे उसे अपनी क्षमता और योग्यता सिद्ध करने का मौका मिले। इन सब पर विजय पाकर वह इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बना सके।

4. सिकंदर को शिकार करना और युद्धकला सीखना बहुत पसंद था लेकिन उसे मुक्केबाजी बिलकुल पसंद नहीं थी।

5. सिकंदर तर्क करने में इतना तेज था कि उसे साधारण शिक्षक पढ़ा नहीं सकते थे। इसीलिए उसके पिता फिलिप ने अरस्तु को सिकंदर का शिक्षक नियुक्त किया। जोकि उस समय के महान और मशहूर विचारक थे।

6. होमर द्वारा रचित ‘इलियड’ सिकंदर की प्रिय पुस्तक थी। युद्ध पर जाते समय वह अरस्तु की टिप्पणियों के साथ यह पुस्तक जरूर ले जाता था।

7. सिकंदर की माँ ने सिकंदर के पिता फिलिप और सौतेली माँ क्लीयोपात्रा को मरवा दिया था जिसके बाद सिकंदर 20 साल की उम्र में मेसिडोनिया का राजा बन गया था।

8. सिकंदर अपने खास सफ़ेद कलंगी और चमकदार जिरहबख्तर के कारन दूर से भी आसानी से पहचाना जा सकता था।

9. एक बार सिकंदर ने गोर्डियम शहर में मशहूर गॉर्डियन गाँठ को खोलने की चुनौती स्वीकार की। ऐसा मानना था कि जो भी उस गाँठ को खोलेगा वह विश्व सम्राट बन जाएगा। सिकंदर ने उसे खोलने की बजाय तलवार के एक वार से ही काट दिया।

10. सिकंदर का महिलाओं के प्रति व्यव्हार हमेशा बहुत पवित्र और दयालु था। वह शादी की संस्था की बहुत इज्ज़त करता था। वह कहता था कि दो चीजें :- नींद और प्रजनन की प्रक्रिया, उसे हमेशा याद दिलाती थीं कि वह भगवान् नहीं इंसान है।

11. अपने मन के साथ अपनी भूख पर भी सिकंदर का पूरा नियंत्रण था। वह न तो चीजें चुन-चुन कर खता था और न ही ज्यादा खाने वाला था।

12. सिकंदर को शराब पीते हुए देर रात तक बातें करना पसंद था।

13. खाली समय में सिकंदर को पढ़ना-लिखना या शिकार खेलना पसंद था।

14. सिकंदर एक चीज कभी सहन नहीं कर सकता था, वह थी योद्धा के तौर पर अपनी छवि के लिए अनादर भाव।

सिकंदर महान के महान विचार

1. अगर शुरू में ही शासन की तरफ से कोई कमजोरी नजर आएगी तो हरेक को हमला करने की हिम्मत होगी। इसलिए बहादुरी में ही सुरक्षा है।

2. खतरे का सामना करो और हर काम के लिए तैयार रहो।

3. मैं विजय चुराना नहीं चाहता।

4. जो लोग श्रम करते हैं वे उन लोगों के मुकाबले अच्छी नींद सोते हैं जिनके लिए वो काम करते हैं।

5. ऐशोआराम की जिंदगी गुलाम बनाती है।

6. शासन वही कर सकते हैं जो दर्द और मेहनत से होकर गुजरते हैं।

7. आरामतलबी गुलामी की तरफ ले जाती है।

8. हमारी जीत की गरिमा और परिपूर्णता इसी में है कि हम दुर्गुणों से बचे रहें।

9. वह व्यक्ति फौजी होने का दंभ नहीं भर सकता जो अपने सबसे नजदीकी सामान का ध्यान नहीं रह सकता और वह समान है उसका शरीर।

10. राजा को दूसरों के लिए अच्छी चीजें करनी चाहिए, भले ही उसे बदले में ख़राब शब्द मिलें।

आपको सिकंदर महान के बारे में रोचक तथ्य और जानकरी के साथ सिकंदर के महान विचार कैसे लगे। हमें अपने विचार जरूर बताएं। यदि आप किसी और महान शख्सियत के बारे में भी जानना चाहते हैं तो हमें मेल करें। हम आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे। धन्यवाद।


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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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