Category: रिश्तों पर कविताएँ

माँ, पिता, भाई, बहन, बेटी, आदि अलग अलह रिश्तों को समर्पित हिंदी कविताएँ। रिश्तों पर कविताएँ

बहन के लिये कविता

बहन के लिये कविता :- बहना यूँ ही बना रहे तेरा मेरा ये प्यार

एक भाई के लिए उसकी बहन उसके जीवन में बहुत महत्त्व रखती है। भाई और बहन के बीच की नोक-झोंक तो सबको पता ही है। जितना भाई-बहन आपस में लड़ते हैं। उससे ज्यादा वो...

पिता और पुत्र पर कविता :- पिता पुत्र की पहचान होता है | बाप-बेटे के रिश्ते पर कविता

जीवन में अगर किसी पुरुष का कोई सच्चा मित्र होता है तो वो उसका पिता होता है। पिता ही पुत्र को चलना सीखाता है और जब तक जीवित रहता है पुत्र को सँभालने की...

रक्षाबंधन पर कविता :- राखी का त्यौहार | राखी पर एक छोटी कविता

रक्षाबंधन, भाई और बहन के प्रेम को दिखाता एक पवित्र पर्व। एक ऐसा पर्व जो कई भावनाओं को समाहित किये हुए है। ये राखी सरहद पर जाती है, ये राखी बहनें मायके लेकर जाती...

छोटे भाई पर कविता

छोटे भाई पर कविता :- राम को जैसे मिले थे लक्ष्मण | भाई भाई के लिए कविता

इस कविता के भाव वही पाठक समझ सकते हैं जिनका कोई छोटा भाई है। छोटा होने की वजह से वो सबका लाडला तो होता ही है साथ ही शैतान भी बहुत होता है। घर...

माँ की लोरी कविता :- बचपन की यादें समेटे हुए एक प्यारी सी कविता भाग – 3

बचपन की यादें हमारे साथ सारी जिंदगी रहती हैं। यही वो पल होते हैं जो हमें हर अवस्था में अछे लगते हैं और फिर से उसी बचपन में लौट जाने का दिल करता है।...

गुरु पर कविता :- गुरु का महत्व बताती हिंदी कविता | वही गुरु कहलाता है

गुरु की महिमा का जितना भाखां किया जाए कम है। गुरु एक समाज की नीवं होता है जिसके ऊपर सरे समाज की संरचना टिकी होती है। ऐसा भी कहा जाता है की गुरु भविष्य...