Category: रिश्तों पर कविताएँ

माँ, पिता, भाई, बहन, बेटी, आदि अलग अलह रिश्तों को समर्पित हिंदी कविताएँ। रिश्तों पर कविताएँ

बेटी की पुकार कविता

बेटी की पुकार कविता :- क्या देखी है तुमने मेरी माँ? एक मार्मिक कविता

हमारे समाज में बेटियों को वो सम्मान आज तक नहीं मिल पा रहा जो उन्हें मिलना चाहिए। इसलिए भ्रूण हत्या जैसा पाप अभी भी यहाँ व्याप्त है। और जब संयोगवश...

पुरुष पर कविता

माता पिता पर कविता :- माता पिता के सम्मान में समर्पित कविता

माता-पिता जो हमारे पालनहार होते हैं। उन्हीं के प्रयासों से हम एक अच्छे और कामयाब इन्सान बन पाते हैं। माता-पिता का स्थान जीवन में भगवान् के बराबर होता है। उनके...

माँ की अहमियत

माँ की महिमा कविता :- न जाने कितने त्याग वो करती है | कविता माँ पर

माँ हमें जन्म देती है। पालती-पोसती है। संतान का पूरा ध्यान रखती है। ताकि उसे कभी कोई दुःख न हो। हमारे लिए वो अपना सारा जीवन दांव पर लगा देती...

बेटी के जन्म पर कविता

बेटी के जन्म पर कविता :- बेटी के लिए कविता | बेटी दिवस पर कविता

घर में बेटी के जन्म पर होने वाली ख़ुशी और उस से जुडी उम्मीदों को बताती हुयी हरीश चमोली जी की बेटी के जन्म पर कविता :- बेटी के जन्म...

शिक्षक पर कविता

शिक्षक पर कविता :- वह और कोई नहीं बस गुरु ही है | Shikshak Par Hindi Kavita

शिक्षक का जीवन में बहुत महत्त्व होता है। हम जीवन में जो भी बनते हैं उसका श्रेय शिक्षक को ही जाता है। शिक्षक ही है जो हमें जीवन का पाठ...

पिता जी को समर्पित कविता

पिता जी को समर्पित कविता :- आज फिर तुमको आवाज़ लगाता हूँ

एक पिता की कीमत हमें अक्सर उनके जाने के बाद ही पता लगती है। मगर तब कुछ बचता है तो बस यादें। उन यादों के सहारे ही हम उनको अपने...