सफलता पर कविता :- कामयाबी की राह बताती कविता | Short Poem On Safalta

सफलता पाना तो हर एक का ख्वाब होता है। परन्तु सफलता उसी को प्राप्त होती है जो उसे प्राप्त करने का प्रयास करता है। इसके लिए मन को एकाग्रचित्त करना पड़ता है और निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना होता है। इसके लिए हमें अपने आप को कुछ चीजों से आजाद करना पड़ता है। जिनकी हम कैद में हैं। आइये जानते हैं क्या है वो चीजें सफलता पर कविता में :-

सफलता पर कविता

सफलता पाने पर कविता

पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो,
मत डरो किसी मुसीबत से
अपने हौंसले को फौलाद करो,
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

आजाद करो उन ख्यालों से
जो आगे न तुम्हें बढ़ने देते
जो कहीं बढाते कदम हो तुम
तो हर पल ही तुमको रोकें,
मत डरो विचार नया है जो
उसी विचार को अपनी बुनियाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

आजाद करो उन रिवाजों से
जो बेड़ियाँ पाँव में हैं डाले
तोड़ दो उन दीवारों को
जो रोकते हैं सूरज के उजाले,
जिसे देखा न हो दुनिया ने
तुम ऐसा कुछ इजाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

आजाद करो उन लोगों से
जो तुम्हें गिराने पर हैं तुले
ऐसे लोगों की संगती से
कहाँ है किसी के भाग्य खुले,
जो करना है वो खुद ही करो
न किसी से तुम फ़रियाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

आजाद करो उन राहों से
किसी मंजिल पर जो न पहुंचे
वहां पहुँच कर क्या करना
जहाँ लगते न हो हम ऊँचें,
यूँ ही व्यर्थ की बातों में तुम
न अपना समय बर्बाद करो
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो,
मत डरो किसी मुसीबत से
अपने हौंसले को फौलाद करो,
पानी है सफलता जो तुमको
तो खुद को तुम आजाद करो।

पढ़िए कविता :- निश्चित ही सफलता मिल जायेगी।

सफलता पाने पर कविता आपको कैसी लगी? हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।

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धन्यवाद।

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