पहली मोहब्बत पर कविता :- याद हैं क्या आज वो पल | प्यार पर कविता

यूँ तो दुनिया में कई प्रेम कहानियां होती हैं लेकिन जिनके प्रेम को एक सुखद अंत नहीं मिलता है वो समय के साथ सब भूल जाते हैं और जिन्हें एक सुखद अंत और पहली मोहब्बत मिल जाती है उनकी वो कहानी यादगार बन जाती है। ऐसी ही एक कहानी को प्रस्तुत कर रहे हैं हरीश चमोली जी इस पहली मोहब्बत पर कविता में :-

पहली मोहब्बत पर कविता

पहली मोहब्बत पर कविता

आंखों में सजा सपने
तुमसे हम मिलने आये थे
याद हैं क्या आज वो पल
जब देख तुम्हें मुस्काये थे,
वो पहली बार छुअन से मेरी
तेरा छुई मुई सा शरमाना।
तुम्हारे दिल में झाँका जब
तो बस हम ही समाये थे।

वो हाथों में हाथ लेकर
तुम्हारे साथ थे टहले
रिमझिम सी उस बारिश में
भीगकर साथ थे मचले,
बैंगनी पीले सूट ने तेरे
मेरे मन को भरमाया था
अदाओं को तुम्हारी देख
मोहब्बत में हम थे फिसले।

मोहब्बत के अहसासों ने
दिलों में धूम मचाई थी
बेकरारी हुयी थी कम
जब करीब तुम आई थी,
धड़कने थी लगी कहने
ये साथ कभी न छूटे अब
तुम्हे बाहों में भर अपनी
मेरी आँखे भर आईं थी।

तुम्हारे दिल में आकर फिर
तुम्हे अपना किया हमने
थाम कर हाथ तुम्हारे साथ
अपना सपना जिया हमने,
मोतियों सा न बिखरे जो
ऐसा बंधन ये आज जुड़ा
पाकर साथ तुम्हारा आज
अमृत पान किया हमने।

हाथों में हाथ लेकर
लबों से मैंने लगाया था
सात जन्मों के वादों संग
तुझको अपना बनाया था,
नाम देंगे इस रिश्ते को
यह कवायद थी की हमने
तुझे अपनी दुल्हन बनाने का
फिर मैंने सपना सजाया था।

तुझे अपना बनाना था पर
किस्मत में लिखी कुछ दूरी थी
तुझको पाने की खातिर ही
जुदा होना भी मजबूरी थी,
पर फिर ये करिश्मा हुआ
दुल्हन तू मेरी बन पायी
अपना न जमाना दुश्मन है
क्योंकि सबकी ही मंजूरी थी।

पढ़िए :- एकतरफा मोहब्बत पर प्यार भरी कविता


शिक्षक पर कवितामेरा नाम हरीश चमोली है और मैं उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल जिले का रहें वाला एक छोटा सा कवि ह्रदयी व्यक्ति हूँ। बचपन से ही मुझे लिखने का शौक है और मैं अपनी सकारात्मक सोच से देश, समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जीवन के किसी पड़ाव पर कभी किसी मंच पर बोलने का मौका मिले तो ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।

‘ पहली मोहब्बत पर कविता ‘ के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हामरे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ blogapratim@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

धन्यवाद।

अभी शेयर करे
WhatsAppFacebookTwitterGoogle+BufferPin It

हमारे सब्सक्रिप्शन पालिसी जानिए या अपना सब्सक्रिप्शन अपडेट कीजिये।

2 Comments

  1. Avatar Rajkapurrajput
  2. Avatar Aryan

Add Comment