Author: ApratimGroup

नव वर्ष पर कविता

नव वर्ष पर कविता :- नए वर्ष की भीनी खुशबू | नए साल पर कविता

नव वर्ष पर सभी एक दूसरे को शुभकामना देते रहते हैं और उनकी सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। ऐसी ही एक शुभकामना आदरणीय सुरेश चन्द्र “सर्वहारा” जी अपनी...

प्रेम विरह कविता

प्रेम विरह कविता :- तड़पने लगा हूँ खुद में मैं | प्रेम वियोग कविता

एक प्रेमी के हृदय की तड़प को शब्दों में व्यक्त करती कविता ‘ प्रेम विरह कविता ‘ प्रेम विरह कविता तड़पने लगा हूँ खुद में मैं निकलने लगी चिंगारी है।...

सुबह पर बाल गीत

सुबह पर बाल गीत :- देखो प्रभात हो आई है | बालगीत इन हिंदी

एक बच्चे के सुबह आलस्य की वजह से न उठने पर उसे उठाने के लिए लिखा गया बाल गीत ” सुबह पर बाल गीत ” :- सुबह पर बाल गीत...

छोटी हास्य हिंदी कविताएँ

छोटी हास्य हिंदी कविताएँ :- भालू की सगाई और भालू की शादी

क्या होता अगर भालू का भी इंसानों की तरह परिवार होता, उनकी भी सगाई और शादी होती ? नहीं सोचा? तो आइये जानते हैं कैसी होती वो दुनिया जिसमें होती...

आशा पर कविता

आशा पर कविता :- निराशा के दीप बुझाकर | हिंदी कविता | Asha Par Kavita

जीवन में एक उम्मीद का होना बहुत जरूरी है। यदि आपके जीवन में बस निराशा ही है और जीवन में आगे बढ़ने का कोई रास्ता नजर नहीं आता तो जीवन...

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पर कविता

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पर कविता :- आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह पर कविता

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को -6 जनवरी 1885) आधुनिक हिंदी साहित्य का पितामह कहा जाता है। उनका जन्म 9 सितंबर 1850 में वाराणसी में हुआ था। बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारतेंदु हरिश्चंद्र...