पानी पर दोहे :- जल का महत्व बताते और जल संरक्षण के लिए प्रेरित करते दोहे

पानी पर दोहे जो बता रहे हैं जल का महत्व और प्रेरित कर रहे हैं जल संरक्षण के लिए। ये तो हम सब ही जानते हैं कि जल ही जीवन है। बिना जल हमारा क्या धरती के किसी भी प्राणी का जीवन संभव नहीं है। हमें पानी बचाना चाहिए क्योंकि जल है तो कल है। तो आओ दोस्तों पानी बचाओ जीवन बचाओ । इसी उद्देश्य को समर्पित है  22 मार्च को मनाये वाला अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस । आइये पढ़ते हैं अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस के लिए लिखा गया हमारा यह दोहा संग्रह “ पानी पर दोहे “ :-

पानी पर दोहे

पानी पर दोहे

1.
मानव रखना याद तू, जल जीवन का मूल ।
बूँद-बूँद संभालना, रखना यही उसूल ।।

2.
पानी अमृत था कभी, सूखी नदियाँ ताल ।
दर-दर हैं सब खोजते, जीना हुआ मुहाल ।।

3.
जल बिन जीवन है नहीं, जल देता है प्राण ।
बड़ा ही शक्तिवान जल, करे सृष्टि निर्माण ।।

4.
मानव अपने हाथ ही, मिटा रहा तकदीर ।
आज कर रहा व्यर्थ कल, नहीं मिलेगा नीर ।।

5.
बूँद-बूँद है कीमती, रखो नीर संभल ।
होगा जीवन अन्यथा, तेरा बहुत मुहाल ।।

6.
जल संरक्षण का सदा, मानव करो प्रयास ।
वर्ना कभी भविष्य में, नहीं बुझेगी प्यास ।।

7.
घाट-घाट चलती नदी, पहुंची सागर तीर ।
श्यामवर्ण सा रंग है, दूषित सारा नीर ।।

8.
अब तो पंछी भी कहीं, नहीं सुनाते राग ।
बिन पानी सब मर रहे, अब तो मानव जाग ।।

9.
भागीरथी पुकारती, सुन मानव नादान ।
दूषित कर क्यों डालता, खतरे में पहचान ।।

10.
पानी के उपयोग में, रखना तू यह ध्यान ।
व्यर्थ बहाने से धरा, बने न रेगिस्तान ।।

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जल संरक्षण केलिए प्रेरित करता और जल का महत्व बताता ” पानी पर दोहे ” संग्रह आपको कैसा लगा ? अपने विचार कमेंट बॉक्स के जरिये हम तक जरूर पहुंचाएं।

धन्यवाद।

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