बहन के लिये कविता :- बहना यूँ ही बना रहे तेरा मेरा ये प्यार

एक भाई के लिए उसकी बहन उसके जीवन में बहुत महत्त्व रखती है। भाई और बहन के बीच की नोक-झोंक तो सबको पता ही है। जितना भाई-बहन आपस में लड़ते हैं। उससे ज्यादा वो एक दूसरे से प्यार करते हैं। ये कविता हर उस भाई की तरफ से उनकी बहनों को समर्पित है जो एक दूसरे के जीवन में बहुत महत्त्व रखते हैं। तो आइये पढ़ते हैं बहन के लिये कविता :-

बहन के लिये कविता

बहन के लिये कविता

जहाँ रहे तू प्यारी बहना
गम न आयें उस द्वार
सदा रहे जीवन में तेरे
खुशियों भरी बहार,
मेरे लिए तो तू है जैसे
भगवान् का एक उपहार
बहना यूँ ही बना रहे
तेरा मेरा ये प्यार।

रूठ जाए तो गुड़िया लगती
डांटे तो लगती माँ
मेरी हर एक बात में रखती
तू है मिलाकर हाँ,
तुझसे ही तो रौनक है घर में
तुझसे ही हर त्यौहार
बहना यूँ ही बना रहे
तेरा मेरा ये प्यार।

राखी बांधे रक्षाबंधन पर
भैया दूज पर तिलक लगाये
जब भी आये दिवाली
सुन्दर तू रंगोली सजाये,
माँ-बाप का तू सम्मान है
तुझसे ही घर में हैं संस्कार
बहना यूँ ही बना रहे
तेरा मेरा ये प्यार।

खुद की नहीं है मुझको
तेरी फ़िक्र है ज्यादा
तकलीफ तुझे न कोई होगी
ये है मेरा वादा,
चंदा और ये तारे क्या हैं?
तेरे क़दमों में रख दूँ संसार
बहना यूँ ही बना रहे
तेरा मेरा ये प्यार।

मेरे लिए तो तू है जैसे
भगवान् का एक उपहार
बहना यूँ ही बना रहे
तेरा मेरा ये प्यार।

पढ़िए :- भाई और बहन की शायरी

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  1. Avatar Bhubaneshwar munda

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