बहन के लिये शायरी :- बहन भाई के रिश्ते को समर्पित शायरी

बहन एक भाई के जीवन में बहुत महत्त्व रखती है। बहन छोटी हो तो भाई की लाडली होती है और बहन बड़ी हो तो भाई की सच्ची दोस्त होती है। बहन का प्यार भाई की कलाई पर बंधी राखी है। बहन की शादी के बाद भी ये रिश्ता वैसे ही कायम रहता है और भाई बहन एक दूसरे के करीब रहते हैं। बहन के लिये शायरी में हम पढेंगे ऐसी ही भावनाओं की शायरी। तो आइये पढ़ते हैं उन्हीं भाई लोगों की तरफ से अपनी बहनों के लिए समर्पित बहन के लिये शायरी :-

बहन के लिये शायरी

बहन के लिये शायरी


बड़ी बहन के लिए शायरी

1.

माँ की ममता और बहन की दुवाओं का ही असर है
मेरी जिंदगी में जो खुदा की रहमतों का असर है,
यूँ तो मेरी कीमत इस ज़माने में खाक भी न थी
आज ऐसा कुछ नहीं जो मुझे मयस्सर न हो।

2.

वो डांटती है मुझे और तकरार भी करती है
मगर मेरी बहन मुझे प्यार भी बहुत करती है।

3.

जब भी आती है मुसीबतें जिंदगी में
वो मेरी हर मुश्किल आसान कर देती है,
टूट कर कभी जब बिखरने लगता हूँ मैं
हर बार मुझमें वो नई जान भर देती है।

4.

माँ की डांट और पिता की मार से बचाती है
मेरे लिए मेरी बहन किसी से भी उलझ जाती है,
बताना पड़ता है सबको हाल-ए-दिल मगर
वो बिना कहे हर बात समझ जाती है।


छोटी बहन के लिए शायरी

1.

नटखट और शैतान है वो
मम्मी पापा की दुलारी है,
मेरी छोटी बहन तो मुझको
अपनी जान से भी प्यारी है।

2.

मन से चंचल है वो लेकिन
दिल से बहु थी भोली है
जीवन में जिससे रंग हमारे
वो वही सुन्दर रंगोली है।

3.

सारे घर की रौनक है वो खूब वो शोर मचाती है,
उसकी भोली सूरत सबके मनों को भाती है
जब भी वो खामोश रहे घर सूना-सूना लगता है
उसके खुश रहने से ही घर में रौनक आती है।

4.

जिसके आने से हमारी खुशियाँ आबाद हैं,
जिसको देते सभी खूब सारा लाड हैं,
मेरी छोटी बहन वो और
भगवान् का आशीर्वाद है।

5.

रूठ जाए जब सब से नखरे खूब दिखाती है
बनकर फिर वो दादी अम्मा, सबको पाठ सिखाती है।


पढ़िए :- भाई और बहन की रक्षाबंधन पर शायरी


बहन की विदाई शायरी

1.

कब से थामे हैं आंसू
अब तो भाई की हिम्मत टूटती जा रही है,
ब्याही गयी बहना की विदाई
जैसे-जैसे करीब आ रही है।

2.

बचपन था जो संग में बीता
उसको मैं कैसे भुलाऊंगा
बिन तेरे सूना घर होगा
कैसे मैं सह पाऊंगा,
तेरी यादें मुझे सताएंगी
जब तू यहाँ से चली जाएगी
रह जाएंगी बस तेरी बातें
और मैं तनहा रह जाऊंगा।

3.

कितने किस्से कितनी कहानियां छूट जाती हैं
ज़माने की रस्में हर खुशियाँ लूट जाती हैं,
चली जाती है बहन जब इस घर से दूसरे घर में
बस यादों का साथ रहता है नजदीकियां टूट जाती हैं।

4.

अभी तक खुशियाँ घर में थी
पल भर में ही रुसवाई हो गयी,
इसी घर में बहन जो अपनी थी
ज़माने की रस्मों से आज परायी हो गयी।


बहन के लिए दुआ शायरी

1.

कलाई पर जो बांधे राखी, दुःख सुख में साथ निभाती है
उसके लिए दुआ मैं मांगू, मेरी वही तो सच्ची साथी है।

2.

चली गयी ससुराल, छोड़ के अपना मायका
आज उसी बहन की कमी मुझको खलती है,
जब भी बैठता हूँ खुदा को सजदा करने
मेरे लबों से बस उसके लिए दुवायें निकलती हैं।

3.

खुश रहे वो सदा जिन्दगी में
न किसी को उससे कोई शिकायत रहे,
यही दुआ मांगता हूँ सदा उसके लिए
वो जहाँ भी रहे हमेशा सलामत रहे।

4.

जब भी देखता हूँ खिलौने बचपन के
तब-तब बहन की याद आती है,
दुआ निकलती है दिल से उसकी खुशियों के लिए
लबों पे उसकी सलामती की फ़रियाद आती है।


पढ़िए :- बहन के लिए कविता ‘बहना यूँ ही बना रहे तेरा मेरा ये प्यार’


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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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1 Response

  1. Aryan कहते हैं:

    waaah waah bahut khoob best collection

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