कृष्ण भक्ति शायरी :- भगवान श्री कृष्ण की भक्तिमय शायरी

जिनकी महिमा सारा जहान गाता है। वो कृष्णा कन्हैया जिन्होंने दैत्यों को मारा, अपने पापी मामा कंस को मारा और अर्जुन के सारथी बन कर सिर्फ कुरुक्षेत्र में ही नहीं बल्कि उनके जीवन में भी उनका मार्गदर्शन किया। उन्हीं कृष्णा भगवान् को समर्पित ‘ कृष्ण भक्ति शायरी ‘ संग्रह आपके सामने पेश कर रहा हूँ। आशा करता हूँ आप सब इसका आनंद लेंगे :-

कृष्ण भक्ति शायरी

कृष्ण भक्ति शायरी

1.

भादों का महीना है अष्टमी की रात आई
जग का उद्धार करने जन्में हैं कृष्णा कन्हाई।

2.

कृष्णा कन्हैया बंसी बजैया पार लगा दो हमारी नैया
दुविधा में हैं हमारा जीवन कर दो निर्मल पावन ये मन,
तेरे ही चरणों में हमने किया है अब तो खुद का समर्पण
तू ही तो है अब तो बस इस डूबती नैया का खेवैया,
कृष्णा कन्हैया बंसी बजैया पार लगा दो हमारी नैया।

3.

दे के दर्शन कर दो पूरी प्रभु मेरे मन की तृष्णा,
कब तक तेरी राह निहारूं अब तो आओ कृष्णा।

4.

मटकी तोड़े, माखन खाए फिर भी सबके मन को भाये,
राधा के वो प्यारे मोहन,महिमा उनकी दुनिया गाये।

5.

कंस को मारा मथुरा में, अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया,
आदर दिया सुदामा को और राधा को प्यार दिया।

6.

तू चाहे तो मेरा हर काम साकार हो जाए
तेरी कृपा से खुशियों की बहार हो जाए,
यूँ तो कर्म मेरे भी कुछ ख़ास अच्छे नहीं
मगर तेरी नजर पड़े तो मेरा उद्धार हो जाए।

7.

मस्तक मोर मुकुट है शोभे होठों पे बांसुरी प्यारी
ऊँगली पर गोर्वर्धन पर्वत और सबके दिल में गिरधारी।

8.

तेरी सेवा में ओ गोविन्द मैंने खुद को है समर्पित किया,
अब भेंट तुझे क्या चढ़ाऊ मैं, मैंने सब कुछ तुझको अर्पित किया।

9.

तेरा हाथ सिर पे होने से
मेरे सब काम साकार होते हैं,
मैं जहाँ भी देखता हूँ तुझे मेरे मोहन
मुझे तो बस तेरे दीदार होते हैं।

10.

अधर पे तेरे बंसुरिया मोर मुकुट मस्तक सुहाई,
कर संघार दैत्यों का तूने अद्भुइत लीला रचाई।

11.

तेरे बिना अब तो मेरा जीवन है आधा,
तू मेरा कृष्णा कन्हाई मैं तेरी राधा।

12.

कान्हा के संग राधा देखो कैसे वृन्दावन को चली,
कृष्णा के भी मन में देखो राधा की है छवि बसी।

13.

सारे बिगड़े काम बना दे सुधर जाए ये जीवन,
जिसके ऊपर कर दे कृपा बांसुरी वाला मोहन।

14.

धराशायी हो जाता है उसके आगे चाहे कितना ही बड़ा महारथी हो,
उसे क्या हराएगा इस जहां में कोई कान्हा जिसका खुद सारथी हो।

पढ़िए :- कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता

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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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2 लोगो के विचार

  1. sanjay singh says:

    padkar ati aanand prapti huwa hai sath hi shrishti karta bhagwan shree hari ji mahima ha gudwaan huwa hai dhanywaad bhrata shree

    • Sandeep Kumar Singh says:

      संजय सिंह जी हमे खुशी है कि आपको आज शायरी संग्रह अच्छा लगा।
      धन्यवाद।

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