श्री राम भगवान पर शायरी :- राम के नाम की भक्ति का शायरी संग्रह

राम नाम की महिमा तो जग विख्यात है। राम जी के जीवन से जुड़े अलग-अलग त्यौहार जिनमे राम नवमी, दशहरा और दिवाली प्रमुख हैं , मनाये जाते हैं। राम नाम का गुणगान तो तुलसीदस ने अपनी इस चौपाई में बहुत ही बखूबी से किया है, ‘ कलियुग केवल नाम अधारा , सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा ‘। इसका अर्थ है कि कलयुग में मुक्ति पाने का सबसे सरल साधन राम नाम ही है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए हम आप के लिए लेकर आये हैं ‘ श्री राम भगवान पर शायरी ‘ :-

श्री राम भगवान पर शायरी

श्री राम भगवान पर शायरी

1.

माता-पिता की सेवा करले
तेरे चारों धाम हो जायेंगे,
जप ले राम का नाम
तेरे सब काम हो जाएँगे।

2.

पूरी की पूरी दुनिया को भुला दे
यही तो वो जाम है,
धरती से उठा अम्बर तक पहुंचा दे
वो ही राम नाम है।

3.

राम की कृपा है जिस पर होती
उसकी कभी न किस्मत सोती,
दुःख दरिद्र सब मिट जाते हैं
भूखे को मिलती रोटी।



4.

शीत में आग की तपन ग्रीष्म में ठंडी पवन है
राम नाम है ऐसी औषधि मंगलमय होता जीवन है।

5.

उसके होते हुए तू क्यों परेशान है,
राम के चरणों में तो हर समस्या का समाधान है।

6.

राम नाम का जाप है हर मुश्किल का तोड़,
जप लो राम का नाम तुम दोनों हाथ को जोड़।

7.

जीवन की नैया जो कभी फंसे बीच मझधार,
राम नाम का केवट ही उसे लगाता पार।

8.

मर्यादा पुरुषोत्तम है वो भक्त हैं जिनके हनुमान,
सबके पाप मिटा देते जो वो ही तो सबके राम हैं।



9.

जीवन जो पापों का दरिया राम नाम है सेतु
वो ही पार लगाते सबको उन्हीं का नाम ले तू।

10.

राम नाम की औषधि हारती है सब रोग,
उसकी नजर जब भी पड़े बन जाए बिगड़े संजोग।

11.

हर दम मस्त वो रहते हैं सुबह हो चाहे शाम हो,
हर पल जिनके मन में रहते सिर्फ और सिर्फ राम हों।

12.

वो तो सदा सबका है
कभी तू भी उसका बन कर देख,
बनेंगे तेरे बिगड़े काम
राम नाम तू जप कर देख।

13.

पिता की आज्ञा मान कर वन में किया निवास,
फिर वापस आये थे वो कर के रावण का नाश।

14.

रावण के संहार पर दशहरा
अयोध्या वापसी पर मानते दिवाली हैं,
दुनिया सारी गुण उनके गाती
उनकी तो हर इक बात निराली है।



15.

राम की महिमा जिन न जानी
वो है मूढ़ महा अज्ञानी,
जो प्रभु का निय नाम है लेता
उसकी कभी न होती हानि।

16.

पाप बढ़ गया दुनिया में आ गया रावण राज,
शरण में जा श्री राम की अब वही रखेंगे लाज।

17.

कितने भी अनमोल रत्न हों
मिलते सागर की गहराई में
राम नाम से तो पत्थर तैरें
दम है इस सच्चाई में।

18.

अस्त-व्यस्त सी जिंदगी को मिलता बहुत सुकून,
राम नाम की शक्ति से जीने का मिलता जूनून।

19.

आज के इस संसार में बुराई के होते काम
हर घर में रावण बसता कहीं न दिखते राम।

20.

इक रावण की खातिर तूने त्रेतायुग में अवतार लिया,
कलयुग में लाखों रावण है कभी न तूने सार लिया।

पढ़िए :- श्री राम शायरी संग्रह भाग – 2

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धन्यवाद।


Image Source :- पंजाब केसरी

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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5 Responses

  1. Abhishek कहते हैं:

    बहुत खुब मुझे और प्रेरणादायक भाषण चाहिए

  2. Mahendra Kumar कहते हैं:

    आपकी लेख कला निराली है काफी सहज शब्दों का मेल जोल है और बहुत ही प्रभावशाली है मुझे ऐसे
    ही शब्दों की खोज थी ।आपका बहुत अभूत आभार ।।

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