वक्त पर कविता :- वक्त की अहमियत बताती हिंदी कविता | ये वक्त ही तुझे बताएगा

अपने जीवन में हम सपने तो बहुत सजाते हैं और सजाने भी चाहिए। पर ये सपने तब ही पूरे होते हैं जब हम उसके लिए उचित कर्म करते हैं। हमारे कर्म ही हमारे जीवन को श्रेष्ठ बनाते हैं। कहते हैं समय बहुत बलवान होता है। हामरे किये कर्मों का फल यह देर-सवेर हमें देता ही है। इसलिए जैसे हम कर्म करते हैं वैसा ही हमारा जीवन बन जाता है। इसके बारे में और पढ़ते हैं कविता ‘ वक्त पर कविता ‘ में :-

वक्त पर कविता

वक्त पर कविता

जैसी करनी होगी तेरी
वैसा ही फल तू पायेगा
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

मेहनत से चलती है गाड़ी
चले न कभी जुगाड़ से
जो न समझे बात ये प्यारे
न बचे वक़्त की मार से,
जो अब आरंभ किया न तूने
अंत काल पछतायेगा
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

काम करे न कोई कभी भी
हर बाते पे बनाये बहाने
उसकी किस्मत के बारे में
भला खुदा भी कैसे जाने,
हासिल उसको क्या होगा जो
हर मोड़ पर सोता जाएगा
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

कई राजा बने हैं रंक यहाँ
कई रंक बने हैं राजा
वक़्त की महिमा जो न समझा
उसका बज गया बाजा,
होगा हौसला जिसमें वही
अपने सपने को पायेगा
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

वक़्त से पहले कुछ न मिले हैं
भाग्य से मिले न ज्यादा
सबर सदा संघर्ष में रखना
खुद से करना पड़ता है वादा,
आगे वही बढ़ेगा फिर जो
सदा वादा यही निभाएगा
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

तन-मन जो करता है समर्पित
लक्ष्य उसी को मिलता है
सबसे आगे वो रहता फिर
उसके पीछे जग चलता है,
कर्मठ जो होगा जीवन में
वही नया इतिहास रचाएगा
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

जैसी करनी होगी तेरी
वैसा ही फल तू पायेगा,
तेरी क्या औकात है प्यारे
ये वक़्त ही तुझे बताएगा।

पढ़िए :- समय के सदुपयोग पर सुविचार।

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Sandeep Kumar Singh

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