गुरु पर कविता | जीवन में गुरु का महत्व कविता | Poem On Guru In Hindi

Poem On Guru In Hindi गुरु पर कविता – गुरु की महिमा का जितना बखान किया जाए कम है। गुरु एक समाज की नीवं होता है जिसके ऊपर सरे समाज की संरचना टिकी होती है। ऐसा भी कहा जाता है की गुरु भविष्य निर्माता होता है। कबीर जी ने भी गुरु की महिमा खूब गई है। इन्हीं सब से प्रभावित होकर हमने भी गुरु को समर्पित ‘ गुरु पर कविता लिखी है। तो आइये पढ़ते हैं ( Guru Par Kavita )  गुरु पर कविता :-

Poem On Guru In Hindi
गुरु पर कविता

गुरु पर कविता

जीवन के घोर अंधेरों में
प्रकाश जो बन कर आता है
हर लेता है वो दुःख सारे
खुशियों की फसल उगाता है,
न कोई लालच करता है
सच्चाई का सबक सिखाता है
सागर से ज्ञान के भरा हुआ
बस वही गुरु कहलाता है।

परेशानियाँ पस्त करें जब
हारते हम हिम्मत  जाएँ
परिस्थितियां हो धूमिल सी
हालात हमें जब भटकायें,
नई एक राह दिखा कर हमको
सभी संशय जो मिटाता है
सागर से ज्ञान के भरा हुआ
बस वही गुरु कहलाता है।

अज्ञानी को ज्ञान वो दे
अलग नई पहचान वो दे
जब लगने लगे हम थक से गए
नई उर्जा और नई जान वो दे,
अपने साथ वो रहता है जब
बुरा वक्त पलटता जाता है
सागर से ज्ञान के भरा हुआ
बस वही गुरु कहलाता है।

शिष्य का नाम बढ़े जग में
उसका यही अरमान रहे
सबके हृदय में उसके प्रति
बस इसीलिए सम्मान रहे,
छोड़े न कभी मझधार में वो
मरते दम तक साथ निभाता है
सागर से ज्ञान के भरा हुआ
बस वही गुरु कहलाता है।

नहीं अहंकार में कभी रहे
हर बात सदा ही सत्य कहे
उसके पावन उपदेशों में
अनुभव की सदा तरंग बहे,
कोई आम शख्सियत नहीं है वो
हर देश का भाग्य विधाता है
सागर से ज्ञान के भरा हुआ
बस वही गुरु कहलाता है।

इस कविता का विडियो यहाँ देखें :-

Guru Par Kavita | गुरु के लिए कविता ( वही गुरु कहलाता है ) | Hindi Poem On Guru Purnima

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धन्यवाद।

5 Comments

  1. Avatar Monica jain
    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh
  2. Avatar priyam singh
    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh

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