स्वच्छ भारत अभियान पर छोटी कविताएँ :- स्वच्छ भारत का नारा, सपना और निर्माण

भारत को स्वच्छ बनाना सिर्फ सर्कार की ही जिम्मेवारी नहीं है। ये हमारा भी फर्ज बनता है कि अपने देश को स्वच्छ व सुन्दर बनायें। यदि हर व्यक्ति अपने इस कर्तव्य को ईमानदारी से निभाता है तो वो दिन दूर नहीं होगा जब ये देश स्वच्छता की मिसाल कायम कर देगा। प्रस्तुत है भारत को स्वच्छ बनाने के अभियन के लिए जोश भरती स्वच्छ भारत अभियान पर छोटी कविताएँ :-

स्वच्छ भारत अभियान पर छोटी कविताएँ

स्वच्छ भारत अभियान पर छोटी कविताएँ


स्वच्छ भारत का नारा

स्वच्छ भारत का नारा
अब जन-जन तक पंहुचें
अपने बारे में बहुत है सोचा
देश के बारे में अब सोचें,

गंदगी कहीं दिखाई न दे
रहे सफाई चारों ओर
अशुद्धता का दूर कर के अँधेरा
करनी होगी स्वच्छता की भोर,

ये धरती माता है अपनी
अपने हैं सारे ही लोग
फिर क्यों आज हम अपनों को
बाँट रहे हैं मुफ्त में रोग,

कचरा न फैलाएं जो हम
फैलेगी नहीं कभी बीमारी
स्वच्छता को अपनाओ तुम भी
गर अपनों की जान है प्यारी,

गंदगी का जो कलंक है माथे
आओ आज उसे हम पोछें
अपने बारे में बहुत है सोचा
देश के बारे में अब सोचें,

स्वच्छ भारत का नारा
अब जन-जन तक पंहुचें
अपने बारे में बहुत है सोचा
देश के बारे में अब सोचें।

पढ़िए व्यंग्य :- आओ पेड़ लगाने की एक्टिंग करें


स्वच्छ भारत का सपना

देश की खातिर जीना हमको
देश की खातिर मरना
स्वच्छ भरता का सपना
हमको साकार है करना,

न वातावरण प्रदूषित हो
न गंदी हो जल की धारा
मन को मोहित कर दे
ऐसा लगने लगे ये जग सारा,
गंदगी के इस दैत्य से
अब हमको है लड़ना
स्वच्छ भारत का सपना
हमको साकार है करना।

बाग़ बगीचों को सजाएँ
जिसमें सुन्दर फूल खिलें
देख मनोहर दृश्य हृदय को
एक नया सुकून मिले,
साफ़ सफाई रखनी है
जोश है सब में भरना
स्वच्छ भारत का सपना
हमको साकार है करना।

मिलजुल कर एक साथ जब
हम सब कदम बढ़ाएंगे
हिम्मत अपनी बढ़ जायेगी
लक्ष्य को अपने पाएंगे,
अब चो आगे चले हैं हम
अब पीछे नहीं है हटना
स्वच्छ भरता का सपना
हमको साकार है करना।

देश की खातिर जीना हमको
देश की खातिर मरना
स्वच्छ भरता का सपना
हमको साकार है करना।


स्वच्छ भारत का निर्माण

आओ हम सब मिलकर
देश का ऊंचा नाम करें
दूर करें गंदगी सारी
स्वच्छ भारत का निर्माण करें,

कूड़े के ढेर न दिखे कहीं
न प्लास्टिक का नामो निशान रहे
कूड़ादान रहे मौजूद
जिससे अपनी ऊंची शान रहे,

बना रहे सम्मान हमारा
सिर न शर्म से झुकने पाए
जारी रहे ये अभियान सदा
कभी भी ये न रुकने पाए,

पूरे संसार के सामने हम
खड़ी एक नई मिसाल करेंगे
अपने वातावरण का अब हम
कभी न बुरा हाल करेंगे

खली बैठ का क्या भाषण देना
आओ हम कुछ काम करें
दूर करें गंदगी सारी
स्वच्छ भारत का निर्माण करें,

आओ हम सब मिलकर
देश का ऊंचा नाम करें
दूर करें गंदगी सारी
स्वच्छ भारत का निर्माण करें।

पढ़िए :- पर्यावरण संरक्षण पर छोटी कविता


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Sandeep Kumar Singh

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