सावन की बारिश पर छोटी कविताएँ :- बारिश, बहार और यादें | Barish Par Kavita

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बारिश, बहार और यादें । ये सुन के कोई भी ये अंदाजा लगा सकता है की बात सावन महीने की हो रही है। सावन महिना और सावन की बारिश का एक अलग ही पहचान है। एक तरफ इसे बारिश, बहार और हरियाली के लिए जाना जाता है, तो दूसरी तरफ लोग इसे प्रेम का मौसम मानते है। जब सावन की बारिश होती है तब किसी खास और उसके साथ बिताये पल की याद हमें आने लगती है। मैंने इस कविता में बारिश, बहार और उसकी यादें को एक साथ लाने की कोशिश किया है। वैसे इसे छोटी छोटी कविताओ के रूप में भी अलग अलग पढ़ा जा सकता है। आइये पढ़ते है ये प्रेम भरी सावन की बारिश पर छोटी कविताएँ ।

सावन की बारिश पर छोटी कविताएँ

सावन की बारिश पर छोटी कविताएँ
बारिश, बहार और यादें

सावन की वो पहली बारिश,
काली घटाएं जो छाती है।

बन के बहार हरियाली जो आती है,
चारो ओर खुशियाँ छा जाती है,
हवाओं में हल्की फुहार जो आती है,
तन, मन और यादें भी भिगाती है,
सावन की वो पहली बारिश,
में काली घटाएं जो छाती है।

सावन की वो पहली बारिश,
पानी की बूंदे बरसे मेरे मन में।

यादो की आग लगे मन में,
जब तेरी आवाज गूंजे चितवन में,
खुशबू फैले हौले हौले इस पवन में,
तेरी कमी खले अब मेरे जीवन मे,
सावन की वो पहली बारिश,
पानी की बूंदे बरसे मेरे मन मे।

सावन की वो पहली बारिश,
यादों का मेला लगाता है।

सोये हुए दिल को जगाता है,
भूली बिसरी यादें फिर लेआता है,
फिर सारे नजारे बदल जाता है,
हँसता हुआ दिल रुआ सा जाता है,
सावन की वो पहली बारिश,
यादो का मेला जो लगाता है।

सावन की वो पहली बारिश,
में याद आती है तेरी कई बातें

भीगते हुए बारिश में हम आते और जाते,
दिलो की गाड़ी हम साथ मिलके चलाते,
भीगे उन मौसम में प्यार के धुन बजाते,
कसमें एक दूजे की हम मोहब्बत में खाते,
सावन की वो पहली बारिश,
में याद आती है तेरी कई बातें।

सावन की वो पहली बारिश,
एहसास कराती है कई बातों का।

तुझसे हुई मीठी उन मुलाकातों का,
तेरी ख्वाबो में थी डूबी उन रातों का,
उमड़ती हुई हमारी उन जज्बातों का,
और संग भीगे थे हम उन बरसातों का,
सावन की वो पहली बारिश,
एहसास कराती है कई बातों का।

सावन की बारिश पर छोटी कविताएँ आपको कैसी लगी? इस सावन में क्या आपको भी किसी की याद आ रही है? अगर हां, तो अपने भावनाओ को कविता के रूप में संजोके हमें भेज दीजिए। हो सकता है हमारे माध्यम से आपकी कविता उन तक पहुँच जाये जिस तक आप पहुँचाना चाहते है।


धन्यवाद।

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2 thoughts on “सावन की बारिश पर छोटी कविताएँ :- बारिश, बहार और यादें | Barish Par Kavita”

  1. Avatar

    bahut hi behtrin tarike se dil ki bhavnao ko kagaj par utara hai..
    likhe hai kuch sabdo ko aapne par na jane kyo ye ek khubsurat pal ka ahsas karta hai…very nice poems..
    for more shayari pleease click here.. https://www.shayari-love-me.com/

  2. Avatar

    हैलो मित्र ,ये बहुत ही उम्दा रचनाएं है! भाव विभोर कर देने वाली है!
    प्यार की भावना को मार्मिक रूप दिया है!
    और ये कॉमेंट मित्रवत रूप से किया है मैने!
    मै भी एक शायर हूं! जो अलग अलग भाव की रचनाएं लिखता हूं!
    तो कृपया आप मेरे ब्लॉग पर भी इस तरह की रचनाएं पड़े !
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