खूबसूरत यादें – बीते हुए लम्हों की याद में कविता | याद कविता

हमें ख़ुशी है की हम अपने पाठकों द्वारा लिखी रचनाओं को अपने ब्लॉग में शामिल कर रहे हैं। कहते हैं ना हीरे को कितना भी छिपाओ उसकी चमक उसके होने का अहसास करवा ही देती है। इसी प्रकार सभी पाठकों में से कुछ लिखने का भी हुनर रखते हैं और ऐसे हीरों को हम अपने ब्लॉग में सुसज्जित करना चाहते हैं। इसी कदम को आगे बढ़ाते हुए इस बार हमने शामिल की है मनीष कुमार की कविता ‘ खूबसूरत यादें ‘ । मनीष कुमार इस समय एनआईटी सिलचर (NIT Silchar) से बीटेक ( कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ) कर रहे हैं। आइये पढ़ते हैं उनकी कविता ‘ खूबसूरत यादें ‘ :-

खूबसूरत यादें

खूबसूरत यादें

उम्मीद रख प्यार किया है – मैंने
कहा तो था कुछ ऐसा ही – तूने
कायम तो है पूरी दुनिया, उम्मीद पर
तो कर लिया उम्मीद ,
खा ली कसमें,

महबूबा – तेरे साथ रहने की ,
दिल के पास रहने की
पास तो आज भी हूं – तेरे
पर दिल कहीं दूर है – मेरा भी – तेरा भी ,

शायद,
धड़कन को जो राग दी थी हमने
सुर ख़राब कर दियें है ,
कुछ तूने -कुछ मैंने ,
अब कुछ यादें ही बची हैं ,जो संजोयी थीं
साथ हमने

कुछ खट्टी -कुछ मीठी तेरी बातें!!
रातों को छत पे होने वाली मुलाकातें ,
कभी न भूलने वाली वो हसीन रातें ,
जो बितायीं हमने – गंगा किनारे !
याद आती हैं…
बहुत याद आती हैं ये सारी यादें ,

देख लेता किसी को आज भी ,
गुलाबी कपड़ो में ,खिड़कियों पर बाल सवारतें ,
थम सी जाती मेरी साँसे,

अब तो ,
हँस – रो भी नहीं सकता मैं,
रोने को आंसू नहीं – आँखों में मेरे,
हंसी में याद आती तेरी !!

न सोचा कभी,
कर दोगे ऐसे तन्हा मुझे ,
कोई ,बेवफा कहे तुझे ,
आज भी नहीं मंजूर मुझे..
सोचता कभी मिटा दूँ ,

यादों को तेरी
तूने मिटायीं यादें जैसे मेरी
पर यादों पर है किसका – वश !
इसपर तो है चलता इसी का – यश !!

तुझसे अब,
यही कहना है – सोनिये,
जूदा हो के भी तू मुझमें  कहीं बांकी है !!
… बांकी है !!!!

कविता- तू वही है ना | Hindi Kavita – Tu Wahi Hai Naa !

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धनयवाद।

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10 Responses

  1. dhruv singh कहते हैं:

    सुंदर व रोचक संकलन !

  2. Manish Kumar कहते हैं:

    धन्यवाद, महाशय ….

  3. Babita Singh कहते हैं:

    बहुत खुबसूरत रचना । Thanks for sharing.

  4. दिगंबर कहते हैं:

    वाह … अच्छी रचना … अच्छा संकलन …

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