Home » हिंदी कविता संग्रह » रिश्तों पर कविताएँ » मातृ दिवस पर कविता :- मेरी भगवान है माँ | Matra Diwas Par Kavita

मातृ दिवस पर कविता :- मेरी भगवान है माँ | Matra Diwas Par Kavita

by Sandeep Kumar Singh

एक बच्चे के जीवन में माँ का बहुत बड़ा स्थान होता है। माँ ही एक ऐसी शख्सियत होती है जो बच्चे की हर बार बिना उसके बोले ही समझ जाती है। माँ भगवान की तरह हमारी सारी जरूरतों को पूरा करती है। या यूँ कह सकते हैं की माँ ही भगवान का दूसरा रूप होती है। एक बच्चे के लिए माँ के क़दमों में सारा जहान होता है। हम अपने जीवन में जो भी बनते हैं। उसका कारन माँ की परवरिश और उसके संस्कार ही होते हैं। माँ के महानता के कारन ही पूरे विश्व में माँ को समर्पित “ मातृ दिवस ” मनाया जाता है। आइये पढ़ते हैं सभी बच्चों की तरफ से माँ के सम्मान में “ मातृ दिवस पर कविता ” :-

मातृ दिवस पर कविता

मातृ दिवस पर कविता

नित पूजा करूँ उसकी
मेरी भगवान है माँ,
बिन उसके अधूरा मैं
मेरी तो जान है माँ।

दिया जनम मुझे उसने
बड़े लाडों से पाला है
अँधेरी रात जीवन ये
रौशन वो उजाला है,
मैं ख़ामोशी हूँ और
बोलती जुबान है माँ
बिन उसके अधूरा मैं
मेरी तो जान है माँ।

मुझे कभी-कभी अपना
राजा बेटा बुलाती
माथे पे रोज मेरे
काला टीका लगाती,
रहे मेरे मुख पर जो
प्यारी मुस्कान है माँ
बिन उसके अधूरा मैं
मेरी तो जान है माँ।

कभी जब नींद न आयी
गाके लोरी सुलाया
गोदी में बिठा मुझको
अपना आंचल झुलाया,
सीने से लगा लेती
ममता की खान है माँ
बिन उसके अधूरा मैं
मेरी तो जान है माँ।

दिल में दबा मेरे
हो कोई राज़ गहरा
हर दर्द मेरा जाने
पढ़ लेती वो चेहरा,
उलझे हुए जीवन का
एक समाधान है माँ
बिन उसके अधूरा मैं
मेरी तो जान है माँ।

बेटा मैं बनूँ तेरा
जनम जितने भी पाऊं
छोटा सा बाल बनकर
तेरी ही गोद आऊँ,
पूरे कर देती सभी
मेरे अरमान है माँ
बिन उसके अधूरा मैं
मेरी तो जान है माँ।

पढ़िए :- हिंदी कविता माँ पर “माँ के क़दमों में सारा जहान है।”

इस कविता का विडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :-

” मातृ दिवस पर कविता ” ( Matra Diwas Par Kavita ) आपको कैसी लगी ? अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स के जरिये जरूर बतायें।

पढ़िए मातृ दिवस पर और बेहतरीन रचनाएँ :-

धन्यवाद।

आपके लिए खास:

2 comments

Avatar
Harish chamoli May 10, 2020 - 11:26 AM

बहुत ही बेहतरीन कविता संदीप जी।

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 10, 2020 - 3:17 PM

धन्यवाद हरीश जी…

Reply

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More