गलती जिसने जीवन बदल दिया – सीख देती हिंदी लघुकथा Hindi Stories With Moral

आज राहुल के बेटे आर्यन का जन्मदिन था। राहुल के ऑफिस के सारे कर्मचारी आये हुए थे। राहुल अपने राज्य में इस बार फिर से सर्वश्रेष्ठ बिजनेसमैन घोषित हुआ था और इसका कारन थे उसके ऑफिस में  काम करने वाले कर्मचारी। पहले राहुल भी आम बिजनेसमैन की तरह काम करता था और अपना बिज़नेस बढ़ा नहीं पाया था। लेकिन एक दिन उसके साथ ऐसी घटना घटी जो देखने में तो छोटी थी। पर उसी कारन उसका जीवन बदल गया। ऐसा क्या हुआ था उसके साथ जो उसके जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि ने अपना घर बना लिया? राहुल आज फिर से वही दिन और वो गलती याद कर रहा था, वो गलती जिसने जीवन बदल दिया उसका।

गलती जिसने जीवन बदल दिया

गलती जिसने जीवन बदल दिया

प्रतीकात्मक चित्र

रविवार की सुबह थी। सूरज अभी अपनी लालिमा बिखेर रहा था। चिड़िया तो सुबह-सुबह चहक रहीं थीं लेकिन घर में सब आराम से सो रहे थे। तभी अचानक राहुल के कान में किसी के बोलने की आवाज आई। पहले तो उसे लगा की घर के बाहर से आवाज आ रही होगी। लेकिन जैसे ही उसे कुछ चेतना आई तो उसने देखा की ये उसका अपना बेटा था।

ये देख बेफिक्र हो वो फिर से सोने ही लगा था की उसके मन में ये जिज्ञासा उत्पन्न हुयी की सुनें तो सही वो बोल क्या रहा है। जैसे ही राहुल ने ध्यान दिया उसका दिमाग एक पल को शून्य में चला गया। उसका बेटा गार्डन में कुत्ते को गालियां देते हुए कह रहा था,

“कुत्ते के बच्चे, तुझसे एक काम ढंग से होता। मैंने कहा था की सारी रात खड़े रह कर घर की रखवाली करना, पर नहीं बस मुफ़्त की रोटियाँ तोड़ना जानता है।“

“आर्यन, व्हाट आर यू सेइंग दिस?”

राहुल के अचानक वहां आ जाने और इस सवाल के पूछे जाने पर आर्यन के रंग उड़ गए। वो बिना कुछ बोले अपने कमरे की तरफ भाग गया। राहुल को आर्यन के इस व्यव्हार पर बहुत हैरानी हो रही थी।

आर्यन एक ऐसा लड़का था जो कभी भी कोई गलत काम नहीं करता था। अपनी जिम्मेवारियां सही ढंग से निभाता था। लेकिन आज ऐसा क्या हुआ की वो कुत्ते पर अपना गुस्सा निकल रहा था।



राहुल चुपचाप आर्यन के कमरे में गया। दरवाजा अंदर से बंद था। पता नहीं राहुल के दिमाग में क्या आया। वो बिना कुछ बोले अपनी पत्नी अंजली के पास गया और उसे सब बता दिया। साथ ही उसने अंजली को आर्यन के इस व्यवहार के पीछे के कारण पता करने को कहा।

“आर्यन, बेटा दरवाजा खोलो।“ अंजली ने प्यार से आवाज लगायी लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

“आर्यन, बेटा दरवाजा खोलो। कोई तुम्हें कुछ नहीं कहेगा।“

इस बार भी कोई जवाब नहीं आया। राहुल आवाज लगाने ही वाला था कि दरवाजा खुल गया। दोनों अंदर गए। राहुल चुपचाप अपने बेड पर बैठा हुआ था।

“ये बहार क्या बोल रहे थे तुम?” अंजलि ने प्यार से पुछा।

अपने पापा के डर से आर्यन कुछ बोल ना सका।

“आर्यन, बेटा डरो मत। बताओ तो सही क्या था ये सब?”

इस बार भी आर्यन कुछ ना बोला। अचानक ही अपनी माँ के आँचल में छिप गया और बोला,

“माँ मैंने कुछ नहीं किया। कल पापा फ़ोन पे किसी से ऐसे ही बात कर रहे थे। तब मैंने सुना था। सॉरी मम्मी सॉरी पापा।“

इतना कहते ही वह रो पड़ा।

तभी राहुल को याद आया कि कल उसने अपने ऑफिस में फ़ोन कर के एक कर्मचारी को अपशब्द कहे थे। तभी राहुल को ये एहसास हुआ कि कितना गलत किया उसने। उसे कितना बुरा लगा होगा। तभी अंजली ने कहा,

“राहुल आर्यन सॉरी मांग रहा है।“

“आर्यन बेटा सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए। तुमने मुझे मेरी गलती का एहसास करवाया। मुझे ही फ़ोन पर ऐसी बात नहीं करनी चाहिए थी बेटा।“

इतना बोलते ही राहुल ने एक फ़ोन मिलाया और बोला,

“शर्मा जी मुझे कल के लिए माफ़ कर दीजियेगा। मैंने आपको उल्टा सीधा कहा। प्लीज मंद मत करना। आई एम सॉरी।“

फ़ोन काटने के बाद राहुल ने आर्यन को अपनी गोदइ बिठाया और बोला,

“ बेटा, चलो आज हम दोनों एक दुसरे से वादा करते हैं कि कभी भी किसी को गलत नहीं बोलेंगे।“

“प्रॉमिस पापा।“

उस दिन के बाद राहुल ने कभी किसी को उल्टा सीधा कुछ नहीं कहा और एक पारिवारिक सदस्य की तरह ही सब से व्यवहार किया। जिसका नतीजा ये हुआ की सब कर्मचारी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने लगे और राहुल जल्द ही एक सफल व्यक्ति बन गया।



दोस्तों हमारे जीवन में भी ऐसी छोटी घटनाएं होती हैं परंतु हम अकसर उन्हें अनदेखा कर देते हैं। इस तरह करने से वो छोटी गलती एक दीमक की तरह हमारे जीवन को खोखला कर देती है। हमें देखने में तो लगता है की हम अभी भी पहले जैसे हैं मगर हम कई नजरों में गिर चुके होते हैं। अगर हमें अपने जीवन में एक सफल व्यक्ति बनना है तो हमें सबके साथ नम्रता से पेश आना चाहिए। अपनी गलती होने पर उसे स्वीकार करना चाहिए। हमें देखने में गलती छोटी बड़ी लगती है, लेकिन गलती छोटी हो या बड़ी गलती गलती होती है। अपनी गलती को सुधार कर ही हम आगे बढ़ सकते हैं।

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Sandeep Kumar Singh

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