दोस्तों की यादें शायरी :- बिछड़े दोस्तों की याद में दोस्ती शायरी इन हिंदी

जीवन में रिश्तों की अहमियत बहुत होती है। जन्म के बाद सभी रिश्ते जबरदस्ती हम पर थोप दिए जाते हैं। बस एक ही रिश्ता होता है जिसे हम खुद अपनी मर्जी से बनाते हैं। वो रिश्ता है दोस्ती का। ये ऐसा रिश्ता होता है जो हर रिश्ते की कमी को पूरा करने का दम रखता है। लेकिन एक दोस्त से बिछड़ जाने के बाद जब उसकी यादें लौट कर आती हैं तो कोई भी रिश्ता उसकी कमी पूरी नहीं कर सकता। उन्हीं दोस्तों की याद को समर्पित है यह दोस्तों की यादें शायरी संग्रह :-

दोस्तों की यादें शायरी

दोस्तों की यादें शायरी

1.

तेरा मुझ पर ये अहसान है
कि तूने मुझे अपनी दोस्ती से नवाजा है,
दूरी चाहे मीलों की है हमारे दरमियान
तेरी दोस्ती आज भी दिल में ताजा है।

2.

गलियाँ पड़ी थी सूनी
आंगन पड़े थे सूने,
यारों की याद आई
और मैं लगा था रोने।

3.

हमारी जिंदगी को कुछ लोग
दोस्त बन कर आबाद कर जाते हैं,
कहाँ जाते हैं फिर हमें छोड़ कर
वो तो हमारे जहन में घर कर जाते हैं।

4.

तेरे बिना तो जीना
इक पल न हमें गवारा है,
अब तो बस तेरी यादें ही
मेरे जीने का सहारा हैं।

5.

तेरी यादों में पागल होकर
हम अक्सर तुझको आवाज देते हैं,
हमें पता है अब तू नहीं मिलेगा ए दोस्त
फिर भी दुआ करते हैं तो तुझे मांग लेते हैं।

6.

तेरी यादों में खोए रहते हैं
इस दुनिया से एक दूरी सी लगती है,
हो सके तो लौट आ ए दोस्त
तेरे बिना जिंदगी अधूरी सी लगती है।

7.

दोस्तों के साथ बिताये पलों की
जब भी याद आती है,
उदास हो जाता है दिल
आँखें नम हो जाती हैं।

8.

सुलझा लेते थे मिल बाँट कर
सब यार अक्सर उलझनों को,
अब तो सारी जद्दोजहद
हमारी जिंदगी पर भारी है।

9.

हमारी दोस्ती की महक
तेरे ख्यालों की बगिया में आज भी महकती होगी,
इतना आसान कहाँ है भूल पाना मुझे
मेरी यादें तेरे सीने में अब तलक धड़कती होंगी।

10.

जान से प्यारे दोस्त जब
जिंदगी के किसी मोड़ पर बिछड़ जाते हैं,
दिल खामोश, आँखें नम हो जाती हैं
वो जब भी याद आते हैं।

11.

खुदा से उन्हें पाने की हम आज भी फ़रियाद करते हैं
अक्सर बीते लम्हों को जहन में आबाद करते हैं,
जिस्म तो मशीन बन गया है दोस्तों के जाने के बाद
मगर भूले नहीं है उन्हें हम हर पल याद करते हैं।

12.

कुछ अहसासों का कर्जदार हूँ
कुछ उधार मुझ पर अभी बाकी है,
मिल जाएँ कहीं बिछड़े यार
तो मैं उनका हिसाब चुकता करूँ।

13.

न वो आते हैं, न मुझे बुलाते हैं
न याद करते हैं, न ही भुलाते हैं,
जाने ये कैसे दोस्त हैं
जो बस हमको ही याद आते हैं।

14.

वो यारों की मस्ती
वो शाम याद आती है,
कह दो वक्त से लौट आये फिर
अब तो बस हमारी जान ये जाती है।

15.

जिंदगी के वो पल
मुझे अक्सर रुला जाते हैं,
बिछड़े हुए दोस्त
जब यादों में लौट आते हैं।

16.

दोस्त होते हैं जिंदगी में
तो हर कमी पूरी हो जाती है,
बिना दोस्तों के तो
ये जिंदगी अधूरी हो जाती ।

17.

बचपन के वो खेल-खिलौने
जवानी में की हुयी शैतानी,
याद मुझे अब आती है
अपने यारों की कहानी।

18.

मेरे जीवन के हर पहलू में
तेरा भी एक है रंग रहा,
अब तू तो न है संग मेरे
पर तेरी यादों का है संग रहा।

पढ़िए :- दोस्ती पर लिखा शायरी संग्रह

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धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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