तिरंगे झंडे पर कविता – लहर लहर लहराए तिरंगा | Tirange Par Hindi Kavita

भारत देश की शान है तिरंगा झंडा। हर भारतीय का सम्मान है तिरंगा। जब भी कहीं हमारा राष्ट्रिय ध्वज तिरंगा हवा में लहराता है। हमारा तन मन देशभक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है। सरहद पर जवान इसी तिरंगे की रक्षा के लिए आठों पहर अपना सुख-दुःख भूल कर देश सेवा में लगे रहते हैं। आइये पढ़ते हैं हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे झंडे पर कविता :-

तिरंगे झंडे पर कविता

तिरंगे झंडे पर कविता

फहर फहर फहराए तिरंगा ।
लहर लहर लहराए तिरंगा ।

भारत की है शान निराली 
तीन रँग चमकाए तिरंगा ।

केसरिया बाना धारण कर
वीर का मान बढ़ाए तिरंगा ।

सत्य अहिंसा मानवता का
शांति दूत बन जाए तिरंगा ।

हरी-भरी मन-भावन धरती
धन-धान्य बतलाए तिरंगा ।

जन गण मन अधिनायक जय हो
ज्योति अखण्ड जलाए तिरंगा ।

सारे जहाँ में हिंदोस्ताँ की
गौरव गाथा गाए तिरंगा ।

विजय पताका देश समाजी
ताकत न्यारी दिखलाए तिरंगा ।

इसके नीचे मस्तक ऊँचा
देश प्रेम समझाए तिरंगा ।

पढ़िए :- तिरंगे पर कविता “सुनो तिरंगा हमें हमारा”


अंशु विनोद गुप्ता जी अंशु विनोद गुप्ता जी एक गृहणी हैं। बचपन से इन्हें लिखने का शौक है। नृत्य, संगीत चित्रकला और लेखन सहित इन्हें अनेक कलाओं में अभिरुचि है। ये हिंदी में परास्नातक हैं। ये एक जानी-मानी वरिष्ठ कवियित्री और शायरा भी हैं। इनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें “गीत पल्लवी “,दूसरी पुस्तक “गीतपल्लवी द्वितीय भाग एक” प्रमुख हैं। जिनमें इनकी लगभग 50 रचनाएँ हैं ।

इतना ही नहीं ये निःस्वार्थ भावना से साहित्य की सेवा में लगी हुयी हैं। जिसके तहत ये निःशुल्क साहित्य का ज्ञान सबको बाँट रही हैं। इन्हें भारतीय साहित्य ही नहीं अपितु जापानी साहित्य का भी भरपूर ज्ञान है। जापानी विधायें हाइकु, ताँका, चोका और सेदोका में ये पारंगत हैं।

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  1. Avatar Santodh Kumar prasad

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