मानवता पर कविता :- दिवाली पर इंसानियत की एक कविता

हर दिवाली हम लोग दीप जलाते हैं। इस तरह अमावस की काली रात को रोशन किया जाता है। लेकिन कितना अच्छा हो जब हम एक रात नहीं बल्कि किसी की पूरी जिंदगी रोशन कर दें। खुद एक दीप की भांति जलकर मानवता और इंसानियत के लिए काम करें। इस तरह ही हम दिवाली को सही ढंग से मना सकते हैं। बस इस दिवाली इसी सन्देश को प्रस्तुत करती हुयी कविता हम आपके लिए लाये हैं मानवता पर कविता :-

मानवता पर कविता

मानवता पर कविता

न हो अपना दुश्मन कोई
सबको प्यार से गले लगायें,
नफरत के हम मिटा अँधेरे
आओ प्यार के दीप जलाएं।

ये सारा संसार है अपना
अपने हैं सब लोग
फिर क्य्यों मन को लगा हुआ
भेद-भाव का रोग,
त्याग के सारा अहंकार हम
आज चलो ये रोग मिटायें
नफरत के हम मिटा अँधेरे
आओ प्यार के दीप जलाएं।

दया भाव हम दिल में रखें
दीनों का हम बने सहारा
करें प्रकाश जीवन के उनको
दुखो नका दूर करें अँधियारा,
बन जाएँ इन्सान सभी
इंसानियत का मजहब अपनाएं
नफरत के हम मिटा अँधेरे
आओ प्यार के दीप जलाएं।

मानव सेवा उत्तम है सबसे
सब धर्म यही बतलाते हैं
कर के दूर सभी संशय
सही राह वो हमें दिखाते हैं
कर्म नेक करके आओ
सब के हृदय में हम बस जाएँ
नफरत के हम मिटा अँधेरे
आओ प्यार के दीप जलाएं।

मानवता से होगा जग उज्जवल
आरंभ हमें करना होगा
मानव की सेवा की खातिर
एकजुट होकर बढ़ना होगा,
वही दिवाली सच्ची होगी
जब स्वयं ही हम एक दीप बन जाएँ
नफरत के हम मिटा अँधेरे
आओ प्यार के दीप जलाएं।

न हो अपना दुश्मन कोई
सबको प्यार से गले लगायें,
नफरत के हम मिटा अँधेरे
आओ प्यार के दीप जलाएं।

पढ़िए :- इंसानियत पर कविता ‘सब बिकाऊ हैं’

मानवता पर कविता आपको कैसी लगी?? इस कविता के बारे में अपने बहुमूल्य विचार कमेंट बॉक्स के जरिये हम तक अवश्य पहुंचाएं।

धन्यवाद।

ये रचनाएँ भी पढ़े..



अच्छा लगा? तो क्यों ना लाइक और शेयर करे..!

हमारे सब्सक्रिप्शन पालिसी जानिए या अपना सब्सक्रिप्शन अपडेट कीजिये।

Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

You may also like...

प्रातिक्रिया दे

हमें ख़ुशी है की हमारे लेख के बारे में आप अपने विचार देना चाहते है, परन्तु ध्यान रहे हम सारे कमेंट को हमारे कमेंट पालिसी के आधार पर स्वीकार करते है।