तेरी यादों का सिलसिला :- किसी की याद में दर्द भरी कविता | यादों की किताब भाग – 5

जब हम जिंदगी में अपने प्यार से जुदा होते हैं तो उस प्यार की यादें हमारा पीछा जल्दी नहीं छोड़ती। फिर ऐसा लगता है जैसे उस से कोई रिश्ता अभी भी बाकी है। पर ये ख्याल बस एक ख्याल ही होता है। और क्या होता है हाल आइये पढ़ते हैं इस कविता ‘ तेरी यादों का सिलसिला ‘ में :-

तेरी यादों का सिलसिला

तेरी यादों का सिलसिला

इस दिल में अभी भी कोई अरमान पलता है
शायद इसीलिए तेरी यादों का सिलसिला
आज भी मेरे साथ चलता है।

न रहे तेरे वादे न ही तेरी बात कही
न रहे वो दिन और न ही वो रात रही
करीब होकर भी बढ़ गयी हैं दूरियाँ
हमारे ज़ज्बातों में अब न ही वो बात रही
कभी तुझसे मिलने के लिए हर सुबह होती थी
आज तेरे बिना हर पल ढलता है
इस दिल में अभी भी कोई अरमान पलता है।

तेरे ख्यालों में कैद रहता हूँ
जब से तूने मुझे आजाद किया है
तू तो चली गयी मगर
मुझे तेरे ख्वाबों ने बर्बाद किया है
धड़कने अब भी बढ़ जाती हैं बस तेरे नाम से
दिल अब हमारा हमसे कहाँ संभलता है
इस दिल में अभी भी कोई अरमान पलता है।

जब भी उतारता हूँ पन्नों पर कोई हर्फ़ नया
तेरा ही अक्स हर हर्फ़ में दिखाई देता है
जब चारों ओर होती है ख़ामोशी
मेरे कानों को बस तेरा ही नाम सुनाई देता है
क्ल्हुष था तेरे जाने से मैं मगर
तेरा साथ न होना अब मुझे खलता है
इस दिल में अभी भी कोई अरमान पलता है।

संभाल कर रखा है हर खत तेरा
तेरे हर तोहफे संभाल कर रखे हैं
चाह कर भी तुझसे अलग न हो पाए
वक़्त ने मेरे बुरे हाल कर रखे हैं
हो सके तो लौट आ तू अब
तेरी यादों में तेरा आशिक जलता है
इस दिल में अभी भी कोई अरमान पलता है।

शायद इसीलिए तेरी यादों का सिलसिला
आज भी मेरे साथ चलता है।

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धन्यवाद।

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