छोटी हास्य हिंदी कविताएँ :- भालू की सगाई और भालू की शादी

क्या होता अगर भालू का भी इंसानों की तरह परिवार होता, उनकी भी सगाई और शादी होती ? नहीं सोचा? तो आइये जानते हैं कैसी होती वो दुनिया जिसमें होती भालू की सगाई और शादी इन छोटी हास्य हिंदी कविताएँ :-

छोटी हास्य हिंदी कविताएँ

छोटी हास्य हिंदी कविताएँ

भालू की सगाई

भालू की है आज सगाई
प्रिंटिड जैकेट मैचिंग टाई,

सूट बूट में ठाठ जमाके
मोती वाला ब्रोच लगाके,

लेडी भालू दुल्हन बनकर
आई नेट का गाउन पहनकर,

झालर भारी पल्लू लम्बा
पतली दुबली लगती दुम्बा,

रीझ गया भालू यह बोला
देखें पिक्चर हम मंटोला,

हनीमून कश्मीर चलेंगे
बर्फ़ में हम तुम मौज करेंगे,

दोनों ने फोटो खिंचवाई,
शानदार हो गई सगाई।

✍ अंशु विनोद गुप्ता

पढ़िए :- हास्य कविता ‘मुँह खोले जब सोया भालू’


भालू की शादी

अबके सावन,गुड-गुड आया
भालू जी ने ब्याह रचाया,

सुबह सवेरे शादी करके
लाइट का ख़र्चा बचवाया,

मेहमानों को ब्रेकफास्ट में
काफ़ी बिस्कुट शहद खिलाया,

एक रुपैया तिलक में लेकर
बिन दहेज के दुल्हन लाया,

सब धर्मों से करली शादी
ऐसा सुंदर चलन चलाया,

सीधा-साधा ब्याह रचाकर
घर-घर अपना नाम कमाया,

कहता बचत करो सब भैया
मज़ेदार यह ढ़ंग बताया,

सुंदर-सा फ़ोटो खिंचवाकर
सबको म्यूज़िक पर नचवाया,

ऐसे ही सब करना शादी
आदर्शों का पाठ पढ़ाया।

✍ अंशु विनोद गुप्ता

पढ़िए :- पत्नी पर हास्य कविता ‘शादी कर के रहे पछताय’


अंशु विनोद गुप्ता जी अंशु विनोद गुप्ता जी एक गृहणी हैं। बचपन से इन्हें लिखने का शौक है। नृत्य, संगीत चित्रकला और लेखन सहित इन्हें अनेक कलाओं में अभिरुचि है। ये हिंदी में परास्नातक हैं। ये एक जानी-मानी वरिष्ठ कवियित्री और शायरा भी हैं। इनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें गीत पल्लवी प्रमुख है।

इतना ही नहीं ये निःस्वार्थ भावना से साहित्य की सेवा में लगी हुयी हैं। जिसके तहत ये निःशुल्क साहित्य का ज्ञान सबको बाँट रही हैं। इन्हें भारतीय साहित्य ही नहीं अपितु जापानी साहित्य का भी भरपूर ज्ञान है। जापानी विधायें हाइकू, ताँका, चोका और सेदोका में ये पारंगत हैं।

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