गणतंत्र दिवस पर कविताएं :- स्वदेशी संविधान हुआ और गणतंत्र दिवस है फिर आया

2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में कुल 114 दिन की बैठकों के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान का निर्माण कार्य पूरा किया। परन्तु इसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया। क्या था इसका कारण पढ़े इस लेख में :- भारतीय गणतंत्र दिवस। इसके साथ ही आइये पढ़ते हैं गणतंत्र दिवस पर कविताएं :-

गणतंत्र दिवस पर कविताएं

गणतंत्र दिवस पर कविताएं

स्वदेशी संविधान हुआ

26 जनवरी सन 1950 को
आज़ादी का नव विहान हुआ,
हिंदुस्तान में जब लागू
स्वदेशी संविधान हुआ।

मानसिक गुलामी के बंधन को
कागज और कलम ने तोड़ा था
अपना कानून बना कर हमने
नया पन्ना इतिहास में जोड़ा था,
बोलने की ताकत मिली हमको
स्वतंत्र था हर इन्सान हुआ
हिंदुस्तान में जब लागू
स्वदेशी संविधान हुआ।

मिले राष्ट्रीय पशु पक्षी
हमें मिला तिरंगा प्यारा
सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक
देश था बना हमारा,
जन गण मन अधिनायक था
हमारा राष्ट्रीय गान हुआ
हिंदुस्तान में जब लागू
स्वदेशी संविधान हुआ।

सपने हुए थे अपने
देश पर हमारा अधिकार हुआ
स्वयं देश चलाने का
ख्वाब भी था साकार हुआ,
तब तक जो कुछ मुश्किल था
बात में ठा आसान हुआ
हिंदुस्तान में जब लागू
स्वदेशी संविधान हुआ।

पढ़िए :- देश भक्ति पर अप्रतिम उद्धरण


गणतंत्र दिवस है फिर आया

गणतंत्र दिवस है फिर आया
आओ जन गण मन का गान करें
बदलें हम तस्वीर देश की
जग में ऊँची शान करें,
गणतंत्र दिवस है फिर आया
आओ जन गण मन का गान करें।

पिछड़ों को हम आगे लाएं
भविष्य उनका उज्जवल बनाएं
जैसा लिखा संविधान में है
सबको एक सामान अपनाएं,
सेवा हेतु मानवता की
अपना समय हम दान करें
गणतंत्र दिवस है फिर आया
आओ जन गण मन का गान करें।

भ्रष्टाचार मिटाएं हम
सोये हुओं को जगाये हम
इस लोकतंत्र का अंग हैं हम
आओ सबको बतलाएं हम,
बढ़े देश ये आगे हम सब
मिलकर इस पर ध्यान करें
गणतंत्र दिवस है फिर आया
आओ जन गण मन का गान करें।

वीरों के बलिदान न भूलें
पाप कहीं भी न फले फूले
गर्व से सीना तना रहे
लहरा के तिरंगा झंडा झूले,
देश भक्ति बस रहे लहू में
देश का बना सम्मान रहे
गणतंत्र दिवस है फिर आया
आओ जन गण मन का गान करें।

पढ़िए :- भारतीय गणतन्त्र दिवस का इतिहास

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Sandeep Kumar Singh

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