सरहद पर खड़ा जवान है :- देश के पहरेदारों को समर्पित देश भक्ति कविता भाग – 2

देश की खातिर अपनी जान तक कुर्बान कर देने वाले जवानों को समर्पित एक और देश भक्ति कविता सरहद पर खड़ा जवान है :-

सरहद पर खड़ा जवान है

सरहद पर खड़ा जवान है

या तो इस बदन पे वर्दी हो
या कफ़न तिरंगा हो प्यारा
लो जान वतन के नाम है की
बस रुके न प्रगति की धारा,
जिस शख्स के सीने में रहता
हर पल यही अरमान है
हम सबका वो रखवाला
सरहद पर खड़ा जवान है।

दुश्मन न आँख उठा पाए
एक कदम न आगे बढ़ा पाए
जो कोशिश कर के देख भी ले
तो अपनी जान से वो जाए,
इस देश पर आंच न आये
वो हो जाता कुर्बान है
हम सबका वो रखवाला
सरहद पर खड़ा जवान है।



चाहे वर्षा का हो मौसम
चाहे गर्मी की मार हो
या सर्द वादियों में फिर
बर्फीले ऊंचे पहाड़ हो ,
इन सबको सहते हुए भी
खड़ा जो सीना तान है
हम सबका वो रखवाला
सरहद पर खड़ा जवान है।

हाँ माना घर से दूर है वो
पर जरा भी न मजबूर है वो
एक माँ की आँख का तारा
किसी के माथे का सिन्दूर है वो,
वो भारत माँ का बेटा
इस देश का वो सम्मान है
हम सबका वो रखवाला
सरहद पर खड़ा जवान है।

परिवार वो माने सबको
सबके लिए वो जीता है
उनकी रक्षा की खातिर
तेज तर्रार वो चीता है
ऊपर से कड़क है दीखता
भीतर से नर्म इन्सान है
हम सबका वो रखवाला
सरहद पर खड़ा जवान है।



यही दुआ ‘संदीप’ की है बस
इन्हें गम न कोई सताए
दुश्मन को तो देख ये लेंगे
खुदा अपनों से इन्हें बचाए,
इन्हीं की वजह से अब तक
सुरक्षित हिंदुस्तान है
हम सबका वो रखवाला
सरहद पर खड़ा जवान है।

पढ़िए :- सैनिक पर देशभक्ति कविता

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धन्यवाद।


*Image Source :- odishatv.in

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8 Comments

  1. Avatar ila goswami
  2. Avatar विकाश कुमार
  3. Avatar निखिल

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