ऋतुओं पर कविता :- बदलती हुयी ऋतुओं से मिलते ज्ञान की कविता

हम अपने जीवन काल में हर वर्ष भिन्न-भिन्न प्रकार की ऋतुएँ देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते अहिं ये ऋतुएँ हमें हमारे जीवन के लिए बहुमूल्य ज्ञान भी प्रदान करते हैं। कुदरत के करिश्मे से मैंने भी कुछ सबक सीखे हैं। जो मैं अपनी इस कविता के माध्यम से आप तक पहुँचाना चाहूँगा। इस कविता में आप पढेंगे कि कैसे अलग-अलग ऋतुएं हमें अलग-अलग ज्ञान देती हैं जिसे अपने जीवन में धारण कर अपना जीवन बदल सकते हैं। तो आइये पढ़ते हैं ‘ ऋतुओं पर कविता ‘  :-

ऋतुओं पर कविता

ऋतुओं पर कविता

ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं,
परिवर्तन ही जीवन है
बात ये हमें बताती हैं
ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं।

सबसे पहले बसंत जो आये
रंग बिरंगे फूल खिलाये
महका के सारी बगिया को
कुदरत अपने रंग दिखाए,
इसी तरह बन जाओ तुम भी
फिर हासिल कर सकते हो कुछ भी
हुनर को अपने काम में लाओ
फिर दुनिया में तुम छा जाओ,
जो सब के मन को भा जाए
वही विजय कहलाती है
ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं।

फिर है ऋतू बरखा की आती
धूप से मारों को है बचाती
करती है ये बात निराली
चारों ओर करे हरियाली,
जीवन में जब इसी तरह से
बुरा वक़्त कभी आता है
कोशिश कर लो तुम कितनी भी
लेकिन वो दूर न जाता है,
मिलती हैं खुशियाँ फिर इक दिन
मेहनत अपनी रंग लाती है
ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं।

इसके बाद जो पतझड़ आये
खूबसूरती फिर उड़ जाए
बेरंग हो जाती है धरती
रहती न है किसी की हस्ती,
काहे का तू करे गुमान
आखिर जाना है श्मशान
कर्म करो कुछ ऐसे
तुमको याद करे ये सारा जहान,
मिट जाता है जीवन और
औकात धरी रह जाती है
ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं।

सर्दियों का फिर आता मौसम
खुद को रखना पड़ता है गरम
चाहने से ये दूर न जाए
बचने का करना पड़ता उपाय,
मुसीबत जब कोई सिर पे पड़ी हो
मिलता न हो कोई हल
सबर और संतोष से फिर
अपना काटो तुम पल-पल,
परेशानी है दूर हो जाती
समय के साथ जब ये जाती है
ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं।

इसी सीख से अब तुम सब
जीवन अपना जिया करो
फल की इच्छा न करके
मेहनत तुम सब किया करो,
ऋतुओं की भांति है जीवन
कि ये ऋतुएं अपनी साथी हैं
ऋतुएं आती जाती हैं
जीवन का पाठ सिखाती हैं।

आशा करता हूँ कि आपको यह कविता ‘ ऋतुओं पर कविता ‘ पसंद आई होगी और साथ ही आपने बदलती ऋतुओं के माध्यम से अपने जीवन को भी जोड़ कर देखा होगा। तो आपके मन में जो भी विचार आये हों उन्हें झट से कमेंट बॉक्स में लिख दीजिये।

धन्यवाद।

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