माँ पर कविता इश्क़ु अंदाज में | इश्कु, कविता का एक दिलचस्प अंदाज

साहित्य में कुछ नया आता है तो दिल को एक अलग सी ख़ुशी का अनुभव होता है। जैसे कुछ महीने पहले हमने आपके सामने माता-पिता पर दोहे रचना पेश की थी। जो कि पूरे साहित्य जगत में कहीं नहीं था। इस बार हम ऐसी ही एक नई ख़ोज “इश्क़ु”  जोकि कविता लिखने का एक अंदाज है, आपके सामने पेश करने वाले है। इस रचना के रचयिता और इश्कु के इजाद्कर्ता हैं छत्तीसगढ़ से अमित शर्मा जी। तो आइए पहले कविता पढ़ ले फिर इश्कु के बारे में आपको विस्तार से बताते है।

माँ पर कविता इश्क़ु अंदाज में

maa par kavita ishqu andaj me

1. माँ की तकलीफ

ख़ामोश चेहरा माँ का, तकलीफ बता देता है।
बेटे चार है, देखते है, दवा कौन ला देता है।

नज़र उतार कर भूत भगा देती हैं जो माँ।
उसके माथे की वो शिकन कौन भगा देता है।

सब कुछ उसका बीत गया, आस बाकी नही।
खींच कर दामन में खुशियां कौन ला देता है।

निवाला अगर थोड़ा ही रहता है रसोई में।
कौन सा ख़ुदा है वो जो माँ की भूख मिटा देता है।


2. माँ का प्यार

जूठन इकट्ठा करके वो थाली सजा लेती है।
बेकार न जाये अन्न माँ बिनकर खा लेती है।

बिलखता बालक जो कभी आँगन में उसके।
छोड़ के अपनी मायूसी माँ ताली बजा लेती है।

लुकाछिपी बच्चों का पसंदीदा खेल हो भले ही।
कभी-कभी खेलकर माँ भी खूब मजा लेती है।

रुपयों की अड़चन जब आती है घर मे तो।
वह माँ कभी कंगन कभी बाली भंजा लेती है।


कविता का इश्कु अंदाज

क्या है कविता का इश्कु अंदाज? आइये जानते हैं इश्क़ु के बारे में उसके इजाद्कर्ता अमित शर्मा से :-

इश्क़ु का इजाद मैंने हाइकु से किया है।

हाइकु एक जापानी विधा है, जिसे लिखना आसान होता हैं। परंतु तुकांत हर कोई नही ला पाता, मैं भी। एवं इस विधा में लिखी गयी रचनाओं को मंच में प्रस्तुत करने में बहुत तकलीफ़ होती है।

उस तकलीफ से मुक्ति पाने हेतु मैंने “हाइकु” का नया फॉरमेट तैयार किया हैं, जिसका नाम *इश्क़ु* रखा गया हैं।

यह (इश्क़ु), हाइकु के ही नियमो का पालन करता हैं परंतु, हाइकु में जिस तरह

*पाँच वर्ण*
*सात वर्ण*
*पाँच वर्ण…. रहते हैं।*

इश्क़ु में भी यही प्रक्रिया रहेगी परंतु, पढ़ने और मंच पर वाचन की दृष्टि से थोड़ा बदलाव किया गया है।

*पाँच वर्ण + सात वर्ण + पाँच वर्ण ……*

इस तरह 17 वर्ण एक ही पंक्ति में होंगे, जिससे की रचनाओं को पढ़ने में मज़ा भी आएगा और *हाइकु* में छिपे ज्ञान को हम *इश्क़ु* में आसानी से जान भी पायेंगे।

उदहारण स्वरुप उपरोक्त कविता के हर लाइन में 17 वर्ण है,

*सबसे बड़ी बात तो ये की…. इश्क़ु भारतीय हैं इसमें आपका इश्क़ हैं।*
इसी के आधार पर मैंने एक रचना ” माँ पर कविता ” इश्क़ु अंदाज में लिखी हैं।


लेखक अमित शर्मा के बारे में

amit sharma

अमित शर्मा  उर्फ़ ” इश्क़शर्मा प्यार से” रायगढ़ छत्तीसगढ़ से हैं। पढाई की बात करें तो किसी कारणवश इन्हें अपनी इंजीनियरिंग की पढाई बीच में ही छोडनी पड़ी थी। फिलहाल ये एक गेराज में काम करते हैं और लिखने का शौक होने के कारण  साथ में कवितायें, गजल और बहुत अच्छी शायरी लिखते हैं। 

आपको ये कविता कैसे लगी हमें जरूर बतायें। और अगर आप भी चाहते हैं  कि आपकी कोई रचना हमारे ब्लॉग पर प्रकशित हो तो लिख भेजिए हमें अपनी रचनाएं।  धन्यवाद।

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4 Responses

  1. anurag namdeo कहते हैं:

    bhaut he dil chune wali shandar kavita

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