जय श्री राम शायरी :- राम की शक्ति और भक्ति का शायरी संग्रह भाग 2

कलयुग पापों से भरा हुआ युग है। जिससे बचने का एकमात्र रास्ता हैं भगवन श्री राम, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम से भी जाना जाता है। उनका नाम ही बहुत है इस कलयुग के चक्करों से बचने के लिए। इस से पहले भी हम भगवान् श्री राम पार शायरी संग्रह भाग 1 लिख चुके हैं। उन्हीं के आशीर्वाद से एक बार फिर हम आपके लिए लाये हैं जय श्री राम शायरी :-

जय श्री राम शायरी

जय श्री राम शायरी

1.

कष्ट न कोई संताप हो, हो जाएँ सब काम,
बस रे मना तू जपता रह, एक राम का नाम।
जय श्री राम।

2.

पाप तेरे धुल जायेंगे, हर विपदा होगी दूर,
बस अपने माथे लगा, राम नाम की धूल।
जय श्री राम।

3.

जिसके मन में राम बसे हों, उसकी आँखें कभी न रोती,
जीवन सुखमय हो जाता, उन पर कृपा प्रभु की होती।
जय श्री राम।

4.

सारी दुनिया झूठ है, साचा है राम का नाम,
जो भी इसको जपता जाए, पा ले चारों धाम।
जय श्री राम।

5.

हे मानव नैया है तू, मझधार है ये संसार,
शरण में जा तू राम की वही लगते पार।
जय श्री राम।

6.

देने वाला राम है, मन है बेपरवाह,
जो दे देता वो हमें, हमको उसी की चाह।
जय श्री राम।

7.

रघुवर तेरे चरण में, मिले जो हमको स्थान,
दुःख सरे मिट जायेंगे, हो जायेगा कल्याण।
जय श्री राम।

8.

प्रभु हम तेरे द्वार पर, खड़े मांगते भीख,
सुखमय जीवन व्यतीत हो, ऐसी दे दो सीख।
जय श्री राम।

9.

जीवन में तेरा साथ हो, सिर पर तेरा हाथ हो,
फिर सुख ही सुख हो जायेगा, दुःख की क्या औकात हो।
जय श्री राम।

10.

सुबह शाम जो करता है, हे प्रभु तेरा ध्यान,
उसके लिए जीवन की, हर राह होती आसान।
जय श्री राम।

11.

लक्ष्मण जिनके भ्राता हैं, सेवक हैं हनुमान,
न कोई संकट उस पर पड़े, न हो कोई नुकसान।
जय श्री राम।

12.

नजर पड़े बस राम की, तो पतझड़ बने बहार,
और न कुछ बस राम हैं, इस जग के आधार।
जय श्री राम।

13.

मुख में राम का नाम हो, दिल में हो तस्वीर,
काम सफल होते सभी, बिगड़ी बनती तकदीर।
जय श्री राम।

14.

प्रभु तेरी करामात से, मैं तो हूँ अनजान,
तू तो अंतर्यामी है, मैं बालक नादान।
जय श्री राम।

15.

सुबह तुझसे ही होती है, तुझसे होती है शाम,
जीवन यूँ ही गुजर रहा, बस लेकर राम का नाम।
जय श्री राम।

16.
शरण में तेरी जो रहे, वो होता नहीं निराश,
जग झूठा लगता उसे, बस तुझ पर हो विश्वास।
जय श्री राम।

17.

कितनी भी बिगड़ी हालत हो, वो पल में देते सुधार,
असंभव को संभव करते, करते हैं वो चमत्कार।
जय श्री राम।

पढ़िए :- भगवान् शिव पर शायरी संग्रह

जय श्री राम शायरी संग्रह पढ़ कर यदि आप में भक्ति भावना का जरा सा भी संचार हुआ हो तो अपनी भावनाएं कमेंट बॉक्स में जरूर व्यक्त करें।

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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4 Responses

  1. sukhmangal singh कहते हैं:

    आदरणीय संदीप कुमार सिंह जी को जय श्री राम शायरी लिखने के लिए अयोध्या क्षेत्र वासी सुखमंगल सिंह (google+sukhmanmgal ) ने दी बधाइयां | प्रभु श्री राम जी की कृपा बनी रहे ,शुभकामनाएं !

  2. तोषण गिरी गोस्वामी कहते हैं:

    मै भगवान प्रभु श्री राम जी का अनन्य भक्त हुं , और उन्ही का दिया हुआ मेरा यह जीवन मेरे प्रभु को ही अर्पित है…… शब्दो मे मै अपनी भक्ति भावो को पिरोना चाहता हुं….. इन्ही अपेक्षाओ के साथ आपका राम जी के भक्ति से सराबोर शायरी संग्रह देखा…..
    सच मे बहुत ही अच्छा पहल है आप लोगो के द्वारा और परम श्रध्देय संदीप कुमार सिंह भैया जी आपको कोटीश धन्यवाद कि आपने मेरे इस भक्ति के सफर को अपने शब्दो शायरी से सुहाना कर दिया …. बहुत बहुत धन्यवाद

    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh कहते हैं:

      आपका भी धन्यवाद तोषण गिरी गोस्वामी जी। बस आप इसी प्रकार अपना आशीर्वाद बनाये रखें। हम भी इसी प्रकार भक्तिमय भावनाओं को शब्दों का रूप देते रहेंगे। धन्यवाद।

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