Happiness Poem In Hindi | सुख पर कविता | Sukh Par Kavita

Happiness Poem In Hindi –  ” सुख पर कविता ” में बताया गया है कि इस दुनिया में सभी व्यक्ति अधिकाधिक सुख प्राप्त करना चाहते हैं। बड़े सुख को पाने की चाह में उनके छोटे सुख भी हाथ से निकल जाते हैं। सुख तो मन की एक अनुभूति है। सुख और दुःख का आधार हमारा चिन्तन है। सुख पाने का सही तरीका यही है कि हम दुःखों में भी सकारात्मक सोच रखते हुए सुख खोजने का प्रयास करें। दूसरे की खुशियों में भी जब हम प्रसन्नता का अनुभव करेंगे तो हमारा जीवन सुख से भर जाएगा।

Happiness Poem In Hindi
सुख पर कविता

Happiness Poem In Hindi

सभी चाहते जग में उनको
सुख ही मिले निरन्तर,
रहे सदा दुःख की परछाई
कोसों की दूरी पर।

सुख पाने को दौड़ रहे सब
अपनी सुधबुध खोकर,
निकल रहा है सुख अनजाना
पास उन्हीं के होकर।

अधिक सुखों की इच्छा उनके
रहती मन में पलती,
प्यासे जीवन को थारों में
मृगतृष्णा बन छलती।

बड़े सुखों के इसी फेर में
छोटे सुख भी खोते,
समय गँवाते अपना सारा
दुःख का रोना रोते।

सुख – सूरज पर छाते रहते
आकर दुःख के बादल,
किरण खुशी की हो जाती है
इससे कुछ पल ओझल।

दुःख में भी हम सुख खोजें तो
होगी नहीं निराशा,
नहीं रहेगा तब यह जीवन
बनकर एक तमाशा।

काम मिला है जो भी हमको
उसको पूजा मानें,
स्रोत छुपा है सुख का मन में
हम उसको पहचानें।

सुख – दुःख का आधार रहा है
अपने मन का चिन्तन,
सच्चा सुख देते हैं हमको
कर्म हमारे पावन।

औरों की खुशियों में जब हम
अपना सुख पा जाते,
शेष न रहते तब अँधियारे
उजियारे मुस्काते।

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