अनुशासन पर दोहे :- इंसान के जीवन में अनुशासन का महत्व बताते दोहे

ऐसा कहा जाता है कि अनुशासन का एक विद्यार्थी के जीवन में बहुत महत्व है। अनुशासन तो हर व्यक्ति के लिए अवशयक है। बिना अनुशासन के जिन्दगी बिना डोर की एक पतंग की तरह होती है जो तेज हवा चलने पर तो ऊपर चली जाती है लेकिन हवा के बंद होने पर जमीन पर आ गिरती है। लेकिन अनुशासन में रहने वाले व्यक्ति हमेशा ऊपर की ओर ही जाते हैं। क्योंकि वो समय पर अपने हर काम कर लेते हैं जिस से किसी भी तरह की चिंता नहीं रहती। इसीलिए एक व्यक्ति के जीवन में अनुशासन की बहुत महत्वता है। इसी विषय को आगे बढ़ाते हुए आइये पढ़ते हैं अनुशासन पर दोहे :-

अनुशासन पर दोहे

अनुशासन पर दोहे

1.

बिना कार्य के पूर्ण भये, जो न चैन से सोय ।
सफल वो मानव है सदा, जो अनुशासन में होय ।।

2.

पढ़ाई लिखाई से यदि, भागता रहता मन ।
करो नियंत्रित तुम इसे, अपना कर अनुशासन ।।

3.

देश तरक्की न करे, चाहे जो भी करे शासन ।
जब तक उसमें न रहे, भीतर से अनुशासन ।।

4.

जीवन में वही प्रगति करे, इस बात को जो ले जान ।
अनुशासन ही भरता है, सबके सपनों में प्राण ।।

5.

बिन अनुशासन रे मना, सफल न होते काम ।
जीवन स्तर नीचे गिरे, जिसे कोई न सकता थाम ।।

6.

इस बात को जो न जान सका, वो बहुत बड़ा अज्ञान ।
अनुशासन सम तप नहीं, ये सबसे बड़ा है ध्यान ।।

7.

अनुशासन की डोर से, जो कोई बंध जाय ।
जीवन में प्रगति करे, मनचाहा वर पाय ।।

8.

कितने ही आये-गये, इस धरा पे ये इन्सान ।
अनुशासन में जो रहा, बस वही है बना महान ।।

9.

दुविधा में हैं सब पड़े, ये बात न जाने कोय ।
अनुशासन के मार्ग पर, सफल ये जीवन होय ।।

10.

वही सफल विद्यार्थी, जो अनुशासन अपनाय ।
सबको पीछे क छोड़ कर, वो आगे बढ़ जाय ।।

11.

स्वप्न उसी के पूर्ण हों, जिसे अनुशासन से प्यार ।
बुरे वक़्त से लड़ने का है, ये सबसे बड़ा हथियार ।।

12.

बिन नियमों के रहता है, इन्सान सदा गुमनाम ।
अनुशासन से ही बनती, एक व्यक्ति की पहचान ।।

13.

आज के काम को कभी, कल पे न तू छोड़ ।
आगे बढ़ने के लिए, अनुशासन से रिश्ता जोड़ ।।

14.

अनुशासन में जो रहे, वो आगे ही बढ़ता जाय ।
समय भी उसकी कदर करे, खुशियाँ सब वो पाय ।।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

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