पापा की लाडली बेटीयां :- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर एक गीत

बेटियाँ जीवन का आधार हैं, बेटियों के बिना तो जीवन बेकार है। बेटियों से ही तो हर रिश्ते नाते हैं, बेटियों से ही तो सब जन्म पाते हैं। लेकिन आज के ज़माने में भी कई लोग इस सच्चाई को समझ नहीं पा रहे। न जाने उन्हें बेटियां बोझ क्यों लगती हैं? इन्हें कौन बताये कि अगर बेटियां न होती तो इस धरती पर मानव जीवन संभव न हो पाता। ऐसा ही कुछ सन्देश देना चाहा है अनुरागी जी ने अपने इस गीत ‘ पापा की लाडली बेटीयां ‘ में :-

पापा की लाडली बेटीयां

पापा की लाडली बेटीयां

पापा की लाडली बेटीयां
मम्मा की दुलारी बेटीयां
दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती
है देवी बेटीयां,
पापा की लाडली बेटीयां
मम्मा की दुलारी बेटीयां।

वो नन्हीं सी गुड़िया जन्में जब घर में
समझो समृद्धि की ऋतु आ गई है
वो प्यारी सी सूरत है रब की वो मुरत
जैसे जमीं पे परी आ गई है,
प्रकृति की रूप बेटीयां
स्नेह की स्वरूप बेटीयां
दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती
है देवी बेटीयां,
पापा की लाडली बेटीयां
मम्मा की दुलारी बेटीयां।

बेटी पढ़ाना और आगे बढ़ाना
इन्हीं से होता है घर संसार सुन्दर
है ताकत इनमें जो अवसर मिले तो
बेटों से भी हो सकती धुरन्धर,
होती नहीं बोझ बेटीयां
मारो नहीं अब बेटीयां
दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती
है देवी बेटीयां,
पापा की लाडली बेटीयां
मम्मा की दुलारी बेटीयां।

पापा की लाडली बेटीयां
मम्मा की दुलारी बेटीयां
दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती
है देवी बेटीयां,
पापा की लाडली बेटीयां
मम्मा की दुलारी बेटीयां।

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शब्द संगीत- अनुरागी


Acharya Anuragiमेरा नाम आचार्य अनुरागी है । मैं हरिद्वार में रहता हूँ। मैं एक स्कूल में संगीत का अध्यापन करता हूँ। इसके साथ-साथ मुझे बचपन से ही कहानियां ,कवितायें, लेख , शायरियाँ भी लिखने का शौंक है।

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6 Comments

  1. Avatar Onkardas Vaishnav CBI New Delhi
  2. Avatar Vishwas Saxena

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