याद शायरी :- तेरी याद भरी शायरी दिल से | यादों की शायरी

यादों का जिंदगी में आना जाना लगा ही रहता है। कुछ यादें हम भूलना नहीं चाहते और कुछ यादें हमारा पीछा नहीं छोड़तीं। कुछ यादें हंसाती हैं और कुछ यादें रुला देती हैं। ऐसी ही किसी ख़ास की यादों से जुड़ी भावनाओं को हमने याद शायरी संग्रह में व्यक्त करने का प्रयास किया है। तो आइये पढ़ते हैं :-

याद शायरी

याद शायरी

1.

गुजरे पलों की परछाईं ने
अब तलक अन्धेरा कर रखा है जिंदगी में,
उसकी यादें खुशियों का
उजाला होने ही नहीं देती।

2.

उसकी जुदाई का दर्द
ये दिल कुछ इस कदर सह रहा है,
बर्फ पिघल रही है यादों की और
जज्बातों का दरिया आँखों से बह रहा है।

3.

उसकी यादें किताबों में
आज भी संभल कर रखी हैं,
कहीं फूल, कहीं ख़त तो कहीं
तसवीर छिपा कर रखी है।

4.

यादें ही लगाकर बैठा हूँ सीने से
जब से वो गया है मुझे तनहा छोड़कर,
यूँ तो पूरा जमाना मुझे हाथ भी न लगा सका
लेकिन वो चला गया मेरे हर जज़्बात तोड़कर।

5.

सुबह शाम बस उसकी ही करते थे बातें
उसे पाने की सदा हमने खुदा से की फरियादें,
मगर उसे मंजूर न थी ख्वाहिश मेरी
अब कुछ बाकी रह गया है तो वो बस यादें

6.

जुदाई का दर्द मेरे सीने में
अब हर रोज पलता है,
आखिर कैसे भूल जाऊं उसे
उसकी यादों का कारवां
जहन में दिन रात चलता है।

7.

उसके बिना कहाँ तन्भा हुआ हूँ मैं,
मेरे साथ चलता है आज भी
उसकी यादों का कारवां।

8.

है दूर मगर बिन उसके
न कोई रात होती है,
मेरी यादों में उससे आज भी
मुलाकात होती है।

9.

उसकी यादें ही सहारा हैं
मेरे अनाथ से जज्बातों के लिए,
वो तो कब के बिछड़ गए
जिन्होंने प्यार सिखाया था।

10.

जब सोचा उतार दूँ कागज पर
जो मैंने है चोट खाई,
कलम उठाते ही
तेरी यादें लौट आयीं।

11.

कोशिशें आज भी कर रहा हूँ
कि भुला दूँ तुझे,
मगर जब याद करता हूँ
तो खुद को भूल जाता हूँ।

12.

तेरी यादों का जखीरा मेरे पास रह गया,
तू तो चला गया जिंदगी से मगर तेरा अहसास रह गया।

13.

ढूंढ रहा हूँ मरहम तो मर्ज दे रही है,
जहन में बसी उसकी यादें मुझे दर्द दे रही हैं।

14.

जब कोई जिंदगी में तनहा छोड़ जाता है,
यादें ही बाकी रह जाती हैं फिर
वो लौट कर कहाँ आता है।

15.

जब भी कभी अकेले में तन्हाई मेरे पास आ जाती है,
किसी न किसी बहाने से तेरी याद आ जाती है।

16.

दिन तो गुजर जाता है जिंदगी की भाग दौड़ में,
शाम ढलते ही तेरी जहन में तेरी यादें दौड़ने लगती हैं।

17.

यूँ ही नहीं हिचकियों से मेरा बुरा हाल हो रहा है
मेरी यादों में जरूर कोई बेहाल हो रहा है।

18.

क्या बयान करूँ मैं
कि मेरी हालत क्या हो जाती है?
शाम ढले जब उसकी यादें मेरे बिस्तर पर आती हैं
भीग जाती हैं पलकें और होंठ सूख जाते हैं
सोने नहीं देती हैं फिर सारी रात जगाती हैं।

19.

वो याद दिला रहे थे मुझे मेरे गुजरे हुए कल की
और ये दिल भूल गया था कहानी हर पल की।

20.

करवटें रात भर हम बदलते रहते हैं
उसकी याद में हर पल जलते रहते हैं,
कुछ ये हालत हो जाती है दिल की
कि जज़्बात बनके अश्क पिघलते रहते हैं।

पढ़िए कविता :- दिल ने फिर याद किया

याद शायरी संग्रह के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें। यदि आप भी रखते हैं कुछ दमदार रचनाएं लिखने का हुनर तो देर किस बात की। हमें लिख भेजिए अपनी रचनाएँ [email protected] पर। अपनी रचना पहुंचाए हमारे पाठकों तक।

धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उम्मीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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