प्रेरणादायक कहानी :- एक रोचक अंतिम संस्कार पर कहानी

सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है।
रचना पसंद आये तो हमारे प्रोत्साहन के लिए कमेंट जरुर करें। हमारा प्रयास रहेगा कि हम ऐसी रचनाएँ आपके लिए आगे भी लाते रहें।

ये प्रेरणादायक कहानी है उन लोगों के लिए जिन्हें शिकायत है अपने मालिक से, अपनी नौकरी, अपनी जिंदगी, अपने रिश्तों या किसी भी चीज से। जो सोचते हैं कि उनकी जिंदगी बदलने के लिए शायद कोई फ़रिश्ता आयेगा। लेकिन सच्चाई क्या है आप जानेंगे इस प्रेरणादायक कहानी में। तो आइये पढ़ते हैं ;-

प्रेरणादायक कहानी

प्रेरणादायक कहानी

एक बार एक बहुत बड़ी कंपनी के ऑफिस में आये सभी कर्मचारी सुबह-सुबह जब ऑफिस में आये तो उन्होंने दरवाजे पर लगा हुआ एक नोटिस पढ़ा। ये नोटिस पहले जैसा किसी काम से संबंधित नहीं था। बल्कि ये नोटिस कुछ अलग ही था। उस नोटिस में लिखा था :- “कल उस इन्सान का देहांत हो गया जो आपकी तरक्की में बाधा बना हुआ था। उसके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम कांफ्रेंस हॉल में रखा गया है।“

ये नोट पढ़ कर सब बहुत उदास हुए कि उनके एक साथी की मौत हो गयी। दुखी होना स्वाभाविक भी था मगर किसी को भी यह नहीं ता था कि वह कौन है? पहले यो कुछ देर वो सब उदास रहे लेकिन थोड़ी ही देर में उनके अन्दर ये जानने की उत्सुकता बढ़ गयी कि आखिर वो शख्स कौन था जो हमारी तरक्की में बाधा बना हुआ था। अब सभी यही जानना चाहते थे।

यही सलाह करते हुए सभी कांफ्रेंस हॉल की तरफ बढ़ गए। मगर यहाँ तो उसे कफ़न में रखा गया था और सबको एक साथ उसे देखने की इज़ाज़त नहीं थी। फिर भी देखने कि इच्छा इतनी प्रबल हो गयी थी कि सब एक-एक कर जाने को राज़ी हो गए। सभी उस शख्स के बारे में जानना चाहते थे। उनके अन्दर दुःख कि बजाये अब उत्सुकता की भावना थी।

एक-एक कर सब कफ़न उठा कर चेहरा देखने लगे। लेकिन ये क्या जो-जो इन्सान चेहरा देखता उसका खुद का चेहरा उतर जाता, मतलब वो शर्मिंदा हो जा रहा था। जैसे किसी ने उनकी सोच को गहरा धक्का दे दिया हो।

असल में उस कफ़न के नीचे कोई शख्स नहीं था बल्कि एक आइना रखा गया था। जिसमें देखने वाले को उसका ही चेहरा दिखाई पड़ रहा था और उसके नीचे एक नोट था जिस पर लिखा था कि, “वो शख्स जो आपकी तरक्की में बाधा था वो आप ही थे। आप ही अपनी क्षमताओं को सीमित रखी और इसी क्षमता पर आपकी तरक्की निर्भर करती है। ”

यही जीवन की सच्चाई है कि हमारी जिंदगी तब नहीं बदलती जब हमारे दोस्त बदलते हैं, मालिक बदलता है, पति या पत्नी बदलती है, शहर बदलता है या फिर कंपनी बदलती है। हमारी जिंदगी तब बदलती है अपने पुराने व्यक्तित्व को बदल कर हम बदलते हैं। हमारी भावनाएं बदलती हैं। हमारे अन्दर का जज्बा जागता है। तब हमारी क्षमताएं असीमित हो जाती हैं। हम अपने जीवन में कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं।

हमें अपने इस विश्वास को झुठलाना होगा कि हम कुछ नहीं कर सकते। अपने जीवन में हम सब कुछ हासिल कर सकते हैं। बस इसके लिए हमें अपने इस विश्वास को दृढ़ करना होगा कि हमारी क्षमता असीमित है और हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।  जीवन बदलने का बस यही एक मात्र मंत्र है।

दोस्तों आपको यह प्रेरणादायक कहानी कैसी लगी? अपने विचार कमेंट बॉक्स के जरिये हम तक जरूर पहुंचाएं।


धन्यवाद।

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on email
Email

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *