पिता और पुत्र पर कविता :- पिता पुत्र की पहचान होता है | पिता पुत्र के रिश्ते पर कविता

जीवन में अगर किसी पुरुष का कोई सच्चा मित्र होता है तो वो उसका पिता होता है। पिता ही पुत्र को चलना सीखाता है और जब तक जीवित रहता है पुत्र को सँभालने की पूरी कोशिश करता है। जवानी में ताकत से और बुढ़ापे में अनुभव से। बिना पिता के एक पुत्र की जिंदगी बहुत कष्टदायक होती है। बिना पिता के नाम के समाज में हमारा कोई अस्तित्व नहीं होता तो फिर पिता की क्या अहमियत है ये तो हम समझ ही सकते हैं। तो आइये पढ़ते हैं पिता पुत्र का रिश्ता बताती पिता और पुत्र पर कविता :-

पिता और पुत्र पर कविता

पिता और पुत्र पर कविता

कोई छोटी मोटी हस्ती नहीं
वो उसके सपनों की जान होता है,
पिता सिर्फ़ पिता ही नहीं होता
पिता पुत्र की पहचान होता है।

प्यार करता है पुत्र से
उसके हक के लिए खड़ा होता है
पिता की ही छत्र छाया में
पुत्र धीरे-धीरे बड़ा होता है,
एक रिश्ते से बढ़कर वो
पुत्र का सम्मान होता है
पिता सिर्फ़ पिता ही नहीं होता
पिता पुत्र की पहचान होता है।

खुद घूमता है पैदल
पुत्र को कन्धों पर घुमाता है
कैसे जीना है इस दुनिया में
पिता ही तो ये सिखाता है,
जो किताबों से नहीं मिलता
ये वो ज्ञान होता है
पिता सिर्फ़ पिता ही नहीं होता
पिता पुत्र की पहचान होता है।

खुद सहता है तंगी
पुत्र के पूरे हर अरमान करता है
उसी के भविष्य की खातिर
अपना जीवन कुरबान करता है,
कितनी भी आयें तकलीफें
वो न कभी परेशान होता है
पिता सिर्फ़ पिता ही नहीं होता
पिता पुत्र की पहचान होता है।

जीवन की राहों में जब पुत्र
राह भटकता जाता है
बन गुरु पिता उसको तब
राह सही दिखलाता है,
दुखों से रखता दूर उसे
वो उसके चेहरे की मुस्कान होता है
पिता सिर्फ़ पिता ही नहीं होता
पिता पुत्र की पहचान होता है।

पिता पुत्र का मित्र
उसका सच्चा सखा होता है
उसके हाथों से ही उसका
सुनहरा कल लिखा होता है,
मानव के रूप में मिला हुआ
वो साक्षात् भगवान होता है
पिता सिर्फ़ पिता ही नहीं होता
पिता पुत्र की पहचान होता है।


Pita Aur Putra Par Kavita | Hindi Poem On Father And Son | Bete aur pita par kavita

‘ पिता और पुत्र पर कविता ‘ आपको कैसी लगी? अपने विचार हमारे अन्य पाठकों तक अवश्य पहुंचाएं।

पढ़िए पिता और पुत्र से संबंधित ये रचनाएं :-

धन्यवाद।

5 Comments

  1. Avatar Sandeep Garg
  2. Avatar Manglam shukla
  3. Avatar Bhagwant
  4. Avatar Yogi sinsinwar

Add Comment

आधुनिक महापुरुषों के गुरु कौन थे?