माँ दुर्गा पर भक्ति गीत :- लाल चुनरिया ओढ़ी माँ ने | माँ दुर्गा पर भक्तिमय कविता

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माँ का दरबार जब लाल रंग की चुनरियों से सजा होता है तो भक्ति भावना अपने आप बढ़ जाती है। माँ दुर्गा के पवन दर्शन करने जो भी भक्त उनके भवन में आता है उसके भाग्य के ताले अपने आप खुल जाते हैं। और क्या-क्या होता है माँ के दर्शन पा लेने से आइये जानते हैं इस माँ दुर्गा पर भक्ति गीत में :-

माँ दुर्गा पर भक्ति गीत

माँ दुर्गा पर भक्ति गीत

लाल चुनरिया ओढ़ी माँ ने, भवन है सजा निराला
जो दर्शन कर लेगा वो बन जाएगा किस्मत वाला,

सिंह पे सवार है माता भवानी, प्रकट है अष्ट भुजाएं
अस्त्र-शस्त्र हैं हाथों में, मुख पर है सोहे उजाला,

दूर-दूर से भक्त हैं आये, दर्शन हैं माँ के करते
आते-जाते जपते जाते हैं तेरे नाम की माला,

त्रिदेवों की शक्ति है तू, सब वेदों का है सार
तेरी ही कृपा से मिलता, भूखे को एक निवाला,

चंड-मुंड को मारा तूने, महिषासुर का संहार किया
पापी का जब भी पाप बढ़ा, तूने प्राण है उसका निकाला,

भक्तों की रक्षक है तू, बेसहारों का है सहारा
कोई न खाली दर से जाए, गिरतों को तूने संभाला,

भटकेगा कोई क्यों राहों में, तेरे चरणों में तीरथ सारे
तू ही चारों धाम है मैया, तेरे दर पर बसे शिवाला,

लाल चुनरिया ओढ़ी माँ ने, भवन है सजा निराला
जो दर्शन कर लेगा वो बन जाएगा किस्मत वाला।

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पढ़िए माँ दुर्गा को समर्पित यह बेहतरीन रचनाएं :-


धन्यवाद।

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