पर्यावरण संरक्षण पर कविता :- पर्यावरण दिवस पर छोटी कविता | Paryavaran Par Kavita

आज के युग में मानव अपने सुख के लिए धरती माता के साथ बहुत अन्याय कर रहा है। यदि भविष्य में ऐसा ही चलता रहा तो बहुत जल्द मानव का अस्तित्व इतिहास बन कर रह जायेगा। तो आइये समय की मांग को समझते हुए पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम बढायें और दूसरे लोगों को भी प्रयावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करें। पर्यावरण संरक्षण पर कविता के जरिये हम भी सब को जागरूक करने का एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं :-

पर्यावरण संरक्षण पर कविता

पर्यावरण संरक्षण पर कविता

 

बदलें हम तस्वीर जहाँ की
सुन्दर सा एक दृश्य बनायें,
संदेश ये हम सब तक फैलाएं
आओ पर्यावरण बचाएं।

फ़ैल रहा है खूब प्रदूषण
काट रहा मानव जंगल वन
हवा हो रही है जहरीली
कमजोर पड़ रहा है सबका तन,
समय आ गया है कि मिलकर
हम सब कोई कदम उठायें
संदेश ये हम सब तक फैलाएं
आओ पर्यावरण बचाएं।

प्रयोग करें गाड़ी का कम हम
पैदल चलने पर जोर दें
थैले रखें हम कपड़े के
प्लास्टिक को रखना छोड़ दें,
अहंकार को छोड़ कर बातें
ये हम अब सब को समझाएं
संदेश ये हम सब तक फैलाएं
आओ पर्यावरण बचाएं।

हवा चाहिए शुद्ध ही सबको
पेड़ न कोई लगाता है
अनजाने में सब रोगों को
पास में खुद ही बुलाता है,
हरियाली फैलाकर आओ
सबको अब हम स्वस्थ बनायें
संदेश ये हम सब तक फैलाएं
आओ पर्यावरण बचाएं।

मत व्यर्थ करो जल को
जल है तो अपना जीवन है
प्रकृति ने है जो हमको दिया
सबसे अनमोल ये वो धन है,
सब जीवों को मिले बराबर
इस उद्देश्य से अब हम जल बचाएं
संदेश ये हम सब तक फैलाएं
आओ पर्यावरण बचाएं।

माता है ये धरा हमारी
हम सब इसका सम्मान करें
क्यों बिगड़ रहे हालात हैं इसके
इस बात का हम सब ध्यान करें,
भला हो जिससे सभी जनों का
आदत हम सब वो अपनाएं
संदेश ये हम सब तक फैलाएं
आओ पर्यावरण बचाएं।

पढ़िए :-  कविता ‘एक अद्भुत कलाकार’

यदि आप धरती के बारे में सचमुच ही अच्छा सोचते हैं और लोगों को जागरूक करने में हमारा साथ देना चाहते हैं तो इस कविता को लिंक के साथ पर्यावरण पर कविता सब तक शेयर करें।

धन्यवाद।

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