सबक जिंदगी का | संघर्षो और इम्तिहानों से भरी जीवन पर प्रेरक कविता

संघर्ष जीवन का एक ऐसा भाग है जो इंसान को नयी ऊंचाइयां प्रदान करता है। जो इंसान संघर्ष काटने से डर जाता है। जिंदगी उसे बर्बाद कर देती है या फिर वो भी सारी दुनिया की तरह गुमनामी में अपना जीवन गुजार देते हैं। लेकिन जो मुसिबतों से नहीं डरते और आगे बढ़ते रहते हैं, उन्हें वो हासिल होता है जो किसी साधारण व्यक्ति को नहीं होता। ‘सबक जिंदगी का‘। कई बार जरूरत होती है तो बस प्रेरणा की। और वो प्रेरणा हमें अपने आस-पास से भी मिल जाती है। वही प्रेरणा देने के लिए ये कविता लाये है जो संघर्षो से भरी जीवन को बतात है:- सबक जिंदगी का।

सबक जिंदगी का

सबक जिंदगी का | संघर्षो से भरी जीवन पर प्रेरक कविता

खुशनुमा दौर चल रहा था जिंदगी का
कि मुसीबतों ने डेरा डाल सब कुछ हिला दिया
सबक अधूरा ही था अभी जिंदगी का
और इम्तिहानों के दौर ने जीना सिखा दिया।

टूटते हौसलों को संभाल रहा था मैं
जब देखा न गया ज़माने से
तो हर कदम पर नया जाल बिछा दिया
बदल गया नजरिया हमारा दुनियादारी का
पर्दा आंखों से हमने झूठी उम्मीदों का गिरा दिया।

उठता रहा हर बार मैं गिर-गिर कर
मुश्किलों की चट्टानों पर मैंने
कामयाबी का निशान बना दिया।
वक्त के साथ बीत गया बुरा दौर जिंदगी का
टूटे हुए अरमानों को बटोर
हमने 
नया मुकाम बना लिया।

बर्दाश्त न हुआ जो देखने वालों से
बर्बाद करने को मुझे
हर बार नया राह बना लिया।
गिराते रहे मुझे मेरे अपने ही
हर बार गिरते ही मैंने हौंसला बढ़ा लिया।

शुक्रगुजार हूं खासकर चाहने वालों का मेरे
मुझे बदनाम करने की कोशिशों ने इनकी
जमाने भर में “गुमनाम” मेरा नाम बना दिया।
सबक अधूरा ही था अभी जिंदगी का
और इम्तिहानों के दौर ने जीना सिखा दिया।

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 जीवन पर ये प्रेरक कविता “सबक जिंदगी का” आपको कैसी लगी हमें जरुर बताएं। धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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9 Responses

  1. Sanjay kumar कहते हैं:

    Bahut achha laga ye kavita padhkar

  2. prince rajput ?lagma कहते हैं:

    Marvelus mast hai jaan

  3. बिष्णु कुमार कहते हैं:

    बहुत ही अच्छी कविता

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