मोहब्बत शायरी :- मोहब्बत भरी शायरी का हिंदी शायरी संग्रह

इस संसार में मोहब्बत ने समय-समय पर अपने रंग दिखाए हैं। ये कब और कैसे हो जाये कोई नहीं कह सकता। लेकिन जिसको हो जाती है वो दुनिया को भूल कर अपने महबूब के खयालों में ही खोया रहता है। इसी मोहब्बत पर आधारित है यह शायरी संग्रह :- ‘ मोहब्बत शायरी ‘

मोहब्बत शायरी

मोहब्बत शायरी

1.

जो मेरी मोहब्बत का अंदाजा हो जाए
तो तेरी सिसकियाँ न बंद हो,
याद करने से जो आये हिचकियाँ
तो तेरी हिचकियाँ न बंद हो।

2.

मेरे हिस्से की मोहब्बत का आज तू हिसाब कर दे,
दे-दे कुछ पल जिंदगी के और मेरी जिंदगी लाजवाब कर दे।

3.

देख मोहब्बत ने क्या सितम ढाया है,
गुजरे हुए वक़्त ने हमें फिर रुलाया है।

4.

मोहब्बत न सही धोखा ही दे जा,
तेरे जिंदगी में आने की कुछ निशानी तो हो।

5.

मेरी मोहब्बत का इम्तिहान मत लेना
मुझे बेवफा का इल्जाम मत देना,
मुझे जरुरत नहीं खुद को साबित करने की
तुझ्र ऐतबार न हो तो प्यार का जाम मत देना।

6.

न जाने मोहब्बत के क्या दस्तूर हो गए हैं,
वो हमसे और हम उनसे बहुत दूर हो गए हैं।

7.

मोहब्बत की एक बहुत ही ख़ास बात है
ये किसी भी हालात में हो सकती है
और
ये किसी भी तरह के हालात पैदा कर सकती है।

8.

बात ये थी कि मोहब्बत भी बेपनाह थी उस से,
मगर उसके जाने के बाद ये राज राज ही रहा।

9.

कोई पिंजरा हो तो कैद कर दूँ इसे
ये मोहब्बत का परिंदा
किसी भी दिल को अपना आशियाँ बना लेता है।

10.

मोहब्बत की आग को कौन बुझा पाया है अब तक,
इसके जले का आज तक इलाज कहाँ मिला।

11.

मोहब्बत के शहर में आज
महबूब से मुलाकात कर के आया हूँ,
दिल देकर उसे सारी
दुनिया की खुशियाँ लाया हूँ।

12.

काश कुछ ऐसा हो कि
तेरे दिल में मेरा बसर हो जाये,
ये दुनिया बन जाए जन्नत
अगर तुझ पर मेरी मोहब्बत का असर हो जाए।

13.

इस जग के खिलाफ उसने
जात-पात की रस्मों को तोड़ दिया,
इस मोहब्बत का कमाल देखो यारो
दो अनजान दिलों को इसने जोड़ दिया।

14.

इश्क करने वाले अक्सर
फितरत से आजाद होते हैं,
मिट भी जायें उनके जिस्म तो क्या
उनकी मोहब्बत के किस्से आबाद होते हैं।

15.

मोहब्बत बढ़ी है तो
नजदीकियां भी बढ़ गयी हैं,
यही देख ज़माने वालों की
त्योरियां भी चढ़ गयी हैं।

‘ मोहब्बत शायरी ‘ के इस शायरी संग्रह के बारे में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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4 Responses

  1. Deepak kumar das कहते हैं:

    Aapki shyari mujhe baut acchi lagi.

  2. Prachi shukla कहते हैं:

    I send it to many frnds…. Really mood ho to mana ajata hai….

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