हिंदी दिवस पर कविताएँ :- हिंदी भाषा को समर्पित 3 छोटी कविताएँ

हामरे समाज में आज अंग्रेजी का एक हौवा सा उड़ता जा रहा है। सबको लगता है कि आने वाले समय में अंग्रेजी ही राज करने वाली है। ऐसा बिलकुल भी नहीं है। हिंसी भाषा सदियों से चलती आई है और इसका खतम होना सोच से भी परे है। ये हमारी भी जिम्मेवारी बनती है कि इस भाषा को जितना हो सके प्रयोग में लाये और इसका सम्मान करें। यही उद्देश्य है इन कविताओं की रचना का। तो आइये पढ़ते हैं हिंदी दिवस व हिंदी भाषा को समर्पित हिंदी दिवस पर कविताएँ :-

हिंदी दिवस पर कविताएँ

हिंदी दिवस पर कविताएँ

वो हमारी हिंदी भाषा है

प्यार मोहब्बत भरा है जिसमें
जिससे जुड़ी हर आशा है
मिसरी से भी मीठी है जो
वो हमारी हिंदी भाषा है।

यही वो भाषा है जिसको
बरसों से है सम्मान मिला
आज की जो जनजाति है
उसकी है ये आधारशिला,
जो भूल रहे इसके महत्त्व को
होती बहुत निराशा है
मिसरी से भी मीठी है जो
वो हमारी हिंदी भाषा है।



हिंदी में सुनाये लोरी माँ
भजन हिंदी में गाती है
यही तो वो भाषा है जो
पूरे देश को मिलाती है,
फले फूले ये आगे बढ़े
मेरे दिल की यही अभिलाषा है
मिसरी से भी मीठी है जो
वो हमारी हिंदी भाषा है।

प्यार मोहब्बत भरा है जिसमें
जिससे जुड़ी हर आशा है
मिसरी से भी मीठी है जो
वो हमारी हिंदी भाषा है।

पढ़िए :- हिंदी दिवस को समर्पित नारे


हिंदी ही है मेरी पहचान

हर और ही मुझको हिंदी दिखती
कलम मेरी बीएस हिंदी लिखती,
बढ़ा रही यह मेरी शान
हिंदी ही है मेरी पहचान।

बचपन से हिंदी बोलता आया
जीवन का गया है इस से पाया
हिंदी में बसती मेरी जान
हिंदी ही है मेरी पहचान।

अंग्रेजी भी पढता हूँ पर
लगे न उसमें मेरा ध्यान
हिंदी भाषा है सबसे महान
हिंदी ही है मेरी पहचान।



हिंदी से शब्द हैं भाव को मिलते
हिंदी से सबके चेहरे खिलते
हिंदी से है मेरी मुस्कान
हिंदी ही है मेरी पहचान।

पढ़िए :- विश्व हिंदी दिवस पर कविता


हिंदी भाषा प्यारी है

सब को जो जोड़ कर रखती
हिंदी भाषा प्यारी है।

अलग-अलग हैं धर्म यहाँ
हैं अलग-अलग कई भाषाएँ
आपस में बातें करने को
फिर भी सब हिंदी अपनाएं,
बहुत सभ्य यह भाषा है
लगती भी संस्कारी है
सब को जो जोड़ कर रखती
हिंदी भाषा प्यारी है।

रचे गये साहित्य इसी में
याचे गए इतिहास
हिंदी से ही होता है
अपनेपन का आभास,
सरे राष्ट्र की भाषा है ये
संस्कृत की बेटी दुलारी है
सब को जो जोड़ कर रखती
हिंदी भाषा प्यारी है।



सारे भारतवासी मिलकर
हिंदी का गुणगान करें
फर्ज हमारा यही है बनता
हिंदी का सम्मान करें,
हिंदी अपनाएं दिल से
इसी में समझदारी है
सब को जो जोड़ कर रखती
हिंदी भाषा प्यारी है।

पढ़िए :- हिंदी दिवस पर बेहतरीन शायरी


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धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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1 Response

  1. Aryan कहते हैं:

    Best kavitaye
    English ke nashe me hamare kuch bhai hindi ko bhool jate hai hame jis line se bhi ho hindi ki seva ka prayas karte rahna chahiye isi seva ko aap apne blog se aur main bhi www.Dilkewords.com ke madhyam se kar raha hoo

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