भोलेनाथ को समर्पित कविता – आया सावन गंगा जल चढ़ाले

यूँ तो हर दिन भगवन शिव की आराधना के लिए बढ़िया होता है लेकिन सावन के महीने को भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए बहुत उत्तम माना है। लोग प्रभु के दर्शन के लिए बहुत दूर-दूर तक यात्रा करते हैं। आइये पढ़ते हैं उन्हीं भोलेनाथ को समर्पित कविता “ आया सावन गंगा जल चढ़ाले ”

भोलेनाथ को समर्पित कविता

भोलेनाथ को समर्पित कविता

आया सावन गंगा जल चढ़ाले
हर हर बम बम भोले गाले
हो भोले बाबा आ जायेंगे
हो हो झोली तेरे भर जायेंगे ।।

कांधे पे तू कांवर उठाले
हर हर बम बम मुख से गाले
संग माँ गौरा को मनाले ।।
हो भोले बाबा आ जायेंगे
हो हो झोली तेरे भर जायेंगे ।।

शिव के धाम को पग तू बढ़ा ले
तन मन शिव के रंग रंगाले
हो डमरू वाले से प्रीत लगाले ।।
हो भोले बाबा आ जायेंगे
हो हो झोली तेरे भर जायेंगे ।।

शिव भोले हैं अवढ़र दानी
माता गौरा है वरदानी
संग लाल गणपति प्यारे ।।
हो भोले बाबा आ जायेंगे
हो हो झोली तेरे भर जायेंगे ।।

आया सावन गंगा जल चढ़ा ले
हर हर बम बम भोले गाले
हो भोले बाबा आ जायेंगे
हो हो झोली तेरे भर जायेंगे ।।

पढ़िए भगवान शिव से संबंधित ये रचनाएं :-


केवरा यदु "मीरा"यह कविता हमें भेजी है श्रीमती केवरा यदु ” मीरा ” जी ने। जो राजिम (छतीसगढ़) जिला गरियाबंद की रहने वाली हैं। उनकी कुछ प्रकाशित पुस्तकें इस तरह हैं :-
1- 1997 राजीवलोचन भजनांजली
2- 2015 में सुन ले जिया के मोर बात ।
3-2016 देवी गीत भाग 1
4- 2016 देवीगीत भाग 2
5 – 2016 शक्ति चालीसा
6-2016 होली गीत
7-2017 साझा संकलन आपकी ही परछाई।2017
8- 2018 साझा संकलन ( नई उड़ान )

इसके अतिरिक्त इनकी अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन्हें इनकी रचनाओं के लिए लगभग 50 बार सम्मानित किया जा चुका है। इन्हें वूमन आवाज का सम्मान भी भोपाल से मिल चुका है।
लेखन विधा – गीत, गजल, भजन, सायली- दोहा, छंद, हाइकु पिरामिड-विधा ।
उल्लेखनीय- समाज सेवा बेटियों को प्रशिक्षित करना बचाव हेतु । महिलाओं को न्याय दिलाने हेतु मदद गरीबों की सेवा ।


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