विश्व के महासागर के नाम और उनके बारे में रोचक जानकारियाँ

विश्व के महासागर के बारे में आप कितना जानते हैं? हो सकता है आप बहुत कुछ जानते हो या हो सकता है की कुछ भी ना जानते हो। दोनों ही बातो में ये लेख आपको जरुर पढ़ना चाहिए।

विश्व महासागरों के बारे में जानकारी अक्सर अधिकतर लोगों को नहीं होती और लोग इनके बारे में कुछ भी जानने या पढ़ने में रूचि भी नही लेते। लेकिन अगर कभी आपके बच्चे या आपके घर में पढ़ने वाला कोई भी कभी विश्व के महासागर के बारे में कुछ पूछ ले तो?

अगर किसी सामान्य ज्ञान, या किसी नामी प्रवेश और प्रतियोगिता परीक्षाओ में इसके बारे को कोई सवाल पूछा गया हो तो? ऐसे ही कई मौके आते है जब इन सामान्य सवालो के जवाब के लिए हम माथा पच्ची करते रहते है लेकिन जवाब नहीं मिलता।

इन्हीं कारणों से हम यहा अप्रतिम ब्लॉग में ऐसे कुछ सामान्य और कुछ विशेष सारे प्रकार की जानकारियाँ हमारे पाठकों तक पहुंचाते रहते है, जिससे उनका सामान्य ज्ञान भी बढ़े और जरुरत के समय ये जानकारियाँ उनके काम भी आये।

आज हमने विश्व के महासागर के बारे में जितना संभव हमसे हो सका उतनी जानकारी (समुद्र के बारे में रोचक तथ्य यहा पढ़े) आपके सामने लाये है।

विश्व के महासागर और उनकी रोचक जानकारियाँ

विश्व के महासागर

➽महासागर या समुद्र किसे कहते है?

धरती का 70% भाग जल से घिरा हुआ है। इसमें खरा पानी है, बर्फ की चट्टानें हैं और जलीय जीवन है। पृथ्वी के यही जल से भरे विशाल भाग, जिसमे पृथ्वी के स्थल भाग तैरते प्रतीत होते है, महासागर या समुद्र कहलाते है। महासागर की कोई सीमा नहीं होती। इसकी सीमा वही है जहाँ तक ये फैला है। ये एक विशाल क्षेत्र को घेरे हुए हैं। सात महाद्वीपों को यही आपस में जोड़ते हैं और इन्हीं महासागरों के रास्तों के जरिये पुरातन समय से व्यापर किया जा रहा है। विश्व में पांच महासागर है, जिनका विस्तार से वर्णन हम आगे जानेंगे।

➽कितने बड़े है महासागर?

पृथ्वी के क्षेत्रफल का 29% हिस्सा भू-भाग है और 71% जोकि 36.1 करोड़ की.मी. है, भाग जल से घिरा हुआ है। जलमंडल का प्रमुख भाग महासागर है। महासागर खारे पानी का एक विशाल क्षेत्र है। यह लगभग 36.1 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। महासागर के धरती पर बहुत विशालता से फैले होने के कारण इसे जल ग्रह भी कहा जाता है।

➽महासागर की अधिकतम गहराई कितनी है?

महासागर की औसतन गहराई 3700 मीटर तक गहरा है। 2010 में यूनाइटेड स्टेट्स सेंटर फॉर कोस्टल एंड ओसियन मैपिंग ( United States Center for Coastal & Ocean Mapping ) के नाप के अनुसार महासागर की सबसे ज्यादा गहराई 10,994 मीटर है। यह इतना गहरा है कि यदि माउंट एवेरेस्ट, जोकि धरती पर सबसे ऊंचा पहाड़ है, को अगर इस जगह में डाल दिया जाए तो इसकी चोटी से ऊपर 1 मील तक पानी रहेगा।

➽कितना पानी है महासागरो में?

यु एस जियोलाजिकल सर्वे ( U.S. Geological Survey ) के अनुसार महासागरों में 1,386,000,000 क्यूबिक किलोमीटर (km3) पानी है। अगर धरती की सतह को समतल कर उस पर महासागरों का पानी रख कर गहराई नापी जाए तो यह 2.25 की.मी. बन जायेगी। यह इतना पानी है जिससे 1 गैलन के आकार के 352,627,000,000,000,000,000 कंटेनर भरे जा सकते हैं।

➽समुद्र के अन्दर जीवन

महासागरों में कई प्रकार की प्रजातियाँ पायी जाती हैं। लगभग 20 लाख से ऊपर प्रजातियाँ महासागर में मौजूद हैं जिनमें से 230,000 प्रजातियों को पहचान लिया गया है। बाकी प्रजातियों के बारे में खोजबीन चल रही है।

विश्व के पाँच महासागर

पृथ्वी पर पांच प्रकार के महासागर हैं।

1. प्रशांत महासागर ( Pacific Ocean )
2. अंध महासागर ( Atlantic Ocean )
3. हिन्द महासागर ( Indian Ocean )
4. दक्षिणा ध्रुवीय महासागर ( Antarctic Ocean )
5. उत्तर ध्रुवीय महासागर ( Arctic Ocean )

१. प्रशांत महासागर ( Pacific Ocean )

प्रशांत महासागर सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर है। यहाँ पर भू-भाग कम है और जलीय क्षेत्र ज्यादा है।

➥प्रशांत महासगर क्यों कहा जाता है?

हर नाम के पीछे कोई-कोई राज या अर्थ जरूर होता है इसी तरह प्रशांत महासागर के नाम के साथ भी एक कहानी जुड़ी हुयी है। प्रशांत महासागर का नाम प्रशांत इसलिए पड़ा कि यह महासागर अटलांटिक महासागर की तुलना में काफी शांत दिखने वाला (प्रशांत-शांत रहने वाला) है। इसका यह नाम पुर्तगाली अन्वेषक मैगलन ने रखा था। मैगलन एक ऐसा साहसिक अन्वेषक था जिसने पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अभियान दल का नेतृत्व किया था। मैगलन जब तूफानी अटलांटिक महासागर को पार कर प्रशांत महासागर में आया तो इस महासागर का जल उसे अटलांटिक की तुलना में काफी शांत दिखा, अतः इसका नाम प्रशांत महासागर पड़ा।

➥प्रशांत महासागर का क्षेत्रफल और आकार

धरती के 30% भाग पर अधिकार जताए प्रशांत महासागर की आकृति त्रिभुजाकार है। इसका क्षेत्रफल 16,18,00,000 वर्ग की.मी., अर्थात अटलांटिक महासागर के दुगुने से थोड़ा कम है। यह फिलिपींस तट से लेकर पनामा 9,455 मील चौड़ा तथा बेरिंग जलडमरूमध्य से लेकर दक्षिण अंटार्कटिका तक 10,492 मील लंबा है। यह समस्त भूभाग से ला मील अधिक क्षेत्र में फैला है। इसका उत्तरी किनारा केवल 36 मील का बेरिंग जलडमरूमध्य द्वारा आर्कटिक सागर से जुडा है।

➥प्रशांत महासागर की गहराई और उसमें पानी

प्रशांत महासागर की औसत गहराई लगभग 4000 मीटर है तथा अधिकतम गहराई लगभग 11000 मीटर है। सभी महासागरों का 50.1% जल समाहित किये इस महासागर में अंध महासागर से दोगुना पानी है। जिसकी मात्र 70,75,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।

२. अंध महासागर ( Atlantic Ocean )

यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है।

➥अटलांटिक या अंध महासागर का नामकरण

इस महासागर का नाम ग्रीक संस्कृति के शब्द से पड़ा जिसका अर्थ ‘ नक़्शे का समुद्र’ समुद्र था। एक और मान्यता के अनुसार इसका अंग्रेजी नाम ‘ अटलांटिक ‘ यूनानी देवता ‘एटलस’ के नाम पर रखा गया है।

➥अंध महासागर का आकार और क्षेत्रफल

इसका महासागर का क्षेत्रफल 10,64,00,000 वर्ग की.मी. है। इसका आकार 8 की आकृति में है। यह यूरोप तथा अफ्रीका महाद्वीपों को दुनिया के बाकी महाद्वीपों से अलग करता है। विशालतम सागर न होते हुए भी इसके अधीन विश्व का सबसे बड़ा जलप्रवाह क्षेत्र है। यह महासागर यूरोप तथा अफ्रीका महाद्वीपों को नई दुनिया के महाद्वीपों से अलग करती है।

➥अंध महासागर की गहराई और उसमें पानी

अंध महासागर की औसत गहराई अगर इसके साथ लगने वाले समुद्रों को लेकर देखा जाए तो 3,339 मीटर है और यदि इन समुद्रों को अलग कर देखा जाए तो यह गहराई औसतन 3,926 मीटर है। अगर बात की जाए सबसे ज्यादा गहराई की तो इस महासागर की सबसे ज्यादा गहराई 8,605 मीटर है। अंध महासागर में 32,30,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।

३. हिन्द महासागर ( Indian Ocean )

हिन्द महासागर को युब्वा महासागर भी कहा जाता है। क्योंकि इसका जन्म 73.6 करोड़ वर्च पहले ही हुआ है। यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर है।

➥हिन्द महासागर और इसका नाम

विश्व में यह एकमात्र महासागर है इसका नाम किसी देश के नाम पर रखा गया है। वह देश है हिंदुस्तान। संस्कृत की पुस्तकों में इसे ‘रत्नाकर’ कहकर बुलाया गया है। जिसका अर्थ है रत्न उत्पन्न करने वाला। हिन्दू ग्रंथों में इसे हिन्दू महासागर का नाम दिया गया है।

➥हिन्द महासागर का क्षेत्रफल और गहराई

धरती के कुल क्षेत्रफल का 7% हिस्सा हिन्द महासागर ने घेर रखा है। इसके अनुसार इसका क्षेत्रफल 7,35,56,000 वर्ग किलोमीटर है। इस महासागर की औसत गहराई 3,890 मीटर है। सबसे अधिकतम गहराई की बात करें तो वो है 8,047 मीटर है।

पढ़ें :- कुमारी कंदम की कहानी | The Unsolved Mystery Of Lemuria In Hindi

4. दक्षिण ध्रुवीय महासागर ( Antarctic Ocean )

यह महासागर चौथा सबसे बड़ा महासागर है। संसार के ताजे पानी का 70% हिस्सा इस महासागर में बर्फ के रूप में जमा हुआ है। और यह बर्फ दुनिया की साडी बर्फ की 90% है।

➥दक्षिण ध्रुवीय महासागर का नाम

इस महासागर के दक्षिण ध्रुव में स्थित होने के कारण इसका नाम दक्षिण ध्रुवीय महासागर पड़ा है। यह महासागर सबसे ठंडा महासागर है।

➥दक्षिण ध्रुवीय महासागर का क्षेत्रफल

इस महासगार का क्षेत्रफल 1,40,00,000 वर्ग किलोमीटर है। अंटार्कटिका का 98% भाग औसतन 1.9 किलोमीटर मोटी बर्फ़ से ढंका हुआ है। इसे बर्फ का रेगिस्तान कहा जा सकता है और स्थायी तौर पर कोई नहीं रहता।

➥दक्षिण ध्रुवीय महासागर में पानी

बर्फ के पानी के रूप में होने कारण यहाँ की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल सा है इसलिए यहाँ पर इसकी ऊँचाई से काम चलाना पड़ता है जोकि सबसे ऊँचा शिखर 4,776 मीटर है। औसतन पहले ही बताया जा चुका है की 1.9 की.मी. मोटी बर्फ की परत है। इस महासागर में 2,65,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी बर्फ के रूप में मौजूद है।

5. उत्तर ध्रुवीय महासागर ( Arctic Ocean )

उत्तर ध्रुवीय महासागर सबसे छोटा व सबसे उथला महासागर है। अंतर्राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन वाले इसको एक महासागर तजवीज करता है जबकि कुछ महासागर विज्ञानी इसे आर्कटिक सागर कहते हैं और इसे अंध महासागर के भूमध्य सागरों में से एक मानते हैं। यह महासागर साल भर समुद्री बर्फ से ढाका रहता है। इस महासागर में सब से कम लवणता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी बर्रफ पिघलती रहती है और मीठे पानी की नदियाँ इसमें आकर गिरती रहती हैं।

➥उत्तर ध्रुवीय महासागर का नामकरण

उत्तर ध्रुव में स्थित होने के कारण इस महासागर का नाम उत्तर ध्रुवीय महासागर पड़ा है।

➥आर्कटिक महासागर का क्षेत्रफल और आकार

इस महासागर का क्षेत्रफल 1,40,60,000 वर्ग किलोमीटर है। जो की लगभग दक्षिण ध्रुवीय महासागर के बराबर है।

➥आर्कटिक महासागर की गहराई और पानी

इस महासागर की अधिकतम गहराई 5450 मीटर है। वहीं इसकी औसतन गहराई 1038 मीटर है। उत्तरीय ध्रुव महासागर में 1,80,70,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।

पढ़िए :- पृथ्वी कैसे बनी – धरती की आत्मकथा, उत्पत्ति, संरचना,और निबंध

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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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19 लोगो के विचार

  1. बहुत ही अच्छा आर्टिकल है। यह सभी का ज्ञानवर्धन करेगा। अच्छा काम कर रहे हैं आप। बहुत दिनों के बाद ब्लागिंग में सक्रिय हुआ हूं। इसके लिए माफी चाहता हूं।

  2. Uttam gramani says:

    Superb

  3. mausam says:

    Awesome ji….

  4. pj says:

    This is complete Package of knowledge about oceans

  5. arif says:

    Very nice I am arif

  6. sugan kr mahto says:

    Very interesting

  7. Yashwant says:

    Thanxxx…..apratimblog

  8. Vishal sharma says:

    Nice

  9. hanu jeph says:

    Very nice

  10. Shashank says:

    बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने।
    हमको पढ कर बहुत अच्छा लगा।
    धन्यवाद…..।।

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