नानी पर कविता – नानी की तारीफ की कविता

जिंदगी में हम अपने आस-पास कई लोगों को देखते हैं। उम्र के अलग-अलग पड़ाव में उनके चेहरों की अवस्था बदलती रहती है। लेकिन हमारे नाना-नानी और दादा-दादी के चेहरे, जो हम बचपन में देखते हैं। उनके अंतिम समय तक उनका चेहरा वैसा ही रहता है। और नानी किसकी प्यारी नहीं होती। बचपन में शायद ही कोई छुट्टियों में अपनी नानी के घर ना जाता हो। और नानी की कुछ ख़ास स्मृतियाँ हमारे दिल में जगह बना लेती है। उन्हीं स्मृतियों को एकत्रित कर आज मैं अपनी नानी के बारे में ये कविता लिख रहा हूँ। जो दुनिया की हर नानी को समर्पित है :- नानी पर कविता ।

नानी पर कविता

नानी पर कविता

उम्र वहीं पर रुक गयी जैसे
हुयी खुदा की मेहरबानी
चेहरे पर रौनक सी रहती
होठों पर मीठी वाणी,
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

जब भी जाते हैं उनके घर
वो प्यार बहुत ही जताती हैं
बना-बना कर पकवान वो स्वादिष्ट
भरपेट हमें खिलाती हैं,
अंत में जब वो खीर बनाती
झट मुंह में आता पानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

संयम, हिम्मत, विश्वास तुम रखना
ये बात वो हमें सिखाती हैं
अपने शब्दों की दुनिया से
इक नया संसार दिखाती हैं,
बातें सुनकर लगता उनकी
नहीं उनसा कोई है ज्ञानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

अब नींद नहीं आती रातों को
वो लोरी हमें सुनाती हैं
सुनकर मीठी आवाज उनकी
झट नींद हमें आ जाती है,
कभी-कभी तो चलते किस्से
एक था राजा इक रानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

उठ कर सुबह वह पूजा करती
रामायण व गीता पढ़तीं
पास बैठकर हैं सब सुनते
ऐसे नानी संस्कार हैं गढ़तीं,
पर हसीं मजाक में कर देती हैं
वो हरकत कभी बचकानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

घर की वो तो वैद्य हैं जिनसे
डरती है हर बीमारी
हर मुश्किल को हल करने की
रखती हैं हरदम तैयारी,
शक की कोई बात नहीं है
वो सचमुच में हैं बहुत सयानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

पढ़िए :- कविता नानी के घर की

यह कविता पढ़ कर हमें अवश्य बतायें कि आपके दिल ने भी नानी को याद किया या नहीं? नानी के बारे में अपनी यादें और विचार हमसे जरूर साझा करें। धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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