कविता- तू वही है ना | Hindi Kavita – Tu Wahi Hai Naa !

Ye Kavita ” तू वही है ना ! | Tu Wahi hai Na!” Hamra Pahla Poem Hai Jise Ham Hindi Aur Hinglish Dono Script Me Alag Alag Likh Rahe Hai. Aap Apne Suvidha Anusar Jo Achha Lage Padhiye, Pahle Hindi Me Poem Hai Fir Hinglish Me.

तू वही है ना

तू वही है ना

हे….तू वही है ना
जिसने मेरी नींदें लूटी
और आज बोल रही बेकसूर हूँ मैं।
तू वही है ना
जो मेरे दिल में रहती है
और आज बोल रही है बहुत दूर हूँ मैं।
तू वही है ना
जिसने सारे गम मिटा दिए मेरे
और आज बोल रही है नासूर हूँ मैं।

नहीं तू वो नहीं
जो तू बोल रही है
मैं ही न तुझे अपना बना सका मजबूर हूँ मैं।
नहीं तू वो नहीं
जो तू बोल रही है
मैं ही हूँ जो तेरा न हो सका
बिछड़ जाए वो दस्तूर हूँ मैं।
नहीं तू वो नहीं
जो तू बोल रही है
बेबस हूँ नादान हूँ पर तेरे दिल में जरूर हूँ मैं।
चल फिर आज वादा करते हैं साथ देने का
तू जवाब दे देना अगर मँजूर हो तो
जैसा भी हूँ आपका हुज़ूर हूँ मैं।


Tu Wahi Hai Naa !

tu wahi hai naa

Hey….Tu Wahi Hai Naa
Jisne Meri Neenden Luti
Aur Aaj Bol Rahi Bekasur Hoon main.
Tu Wahi Hai Na
Jo Mere Dil Me Rahti Hai
Aur Aaj Bol Rahi hai Bahut Dur Hoon main.
Tu Wahi Hai Na
Jisne Saare Gam Mita Diye Mere
Aur Aaj Bol Rahi Hai Nasoor Hoon Main.

Nahi Tu Wo Nahi Hai
Jo Tu Bol Rahi Hai
Main Hi Naa Tujhe Apna Bana Saka Majbur Hoon Main
Nahi Tu Wo Nhi Hai
Jo Tu Bol Rahi Hai
Mai Hi Hoon Jo Tera Naa Ho Ska
Bachad Jaye Wo Dastur Hoon Mai
Nahi Tu Wo Nahi Hai
Jo Tu Bol Rahi Hai
Bebas Hoon Nadan Hoon Par Ter Dil Me Jarur Hoon Main
Tu Jawab De Dena Agar Manjoor Ho To
Jaisa Bhi Hoon Aapka Hujur Hoon Mai.


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Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

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