दो सहेलियाँ – सच्चे दोस्ती की कहानी | प्रेरक लघु कहानियाँ

ये प्रेरक लघु कहानी पंजाब के अमृतसर जिले के जंडियाला से Virjaskaran Bir Rashwan जो कि अभी मात्र 8वीं का छात्र है ने लिख कर भेजी है। जो कि दोस्ती की एक अद्भुत मिसाल पेश करती हुयी दो सहेलियाँ और उनकी दोस्ती की कहानी है।

दो सहेलियाँ – सच्चे दोस्ती की कहानी

दो सहेलियाँ - सच्चे दोस्ती की कहानी

प्रतीकात्मक चित्र

राखी और संगीता दो सहेलियाँ थीं। एक दूसरे के प्रति उनमें बहुत प्यार और लगाव था। दोनों बचपन से एक दूसरे के साथ बड़ी हुयी थीं। उनके बीच दोस्ती इतनी गहरी थी की लोग उनकी दोस्ती की मिसालें दिया करते थे। वे एक साथ पढ़ती थीं और एक साथ ही कॉलेज जाती थीं।

लेकिन एक दिन उनकी जिंदगी में ऐसा तूफान आया जिसने उनकी जिंदगी बदल कर रख दी। किसी ने उनके बीच ग़लतफ़हमी की ऐसी दीवार खड़ी कर दी कि उन दोनों ने बिना एक दूसरे से बात किये खुद को एक दूसरे से अलग कर लिया।

वो एक दूसरे के सामने कई बार आयीं लेकिन फिर भी उन्होंने ने कभी भी एक दूसरे से बात नहीं की। उनके दिल में अभी भी एक दूसरे के लिए उतना ही प्यार था। वो एक साथ नहीं थीं लेकिन एक दूसरे की यादें हमेशा उनके साथ रहती। उन्हें हमेशा ऐसा लगता जैसे वो एक दूसरे के साथ ही हैं। वो चाहे एक दूसरे से दूर थे लेकिन अभी भी एक दूसरे के दिल में थे।

समय बीतता गया, दोनों ने अपना कैरियर बना लिया और उनकी जिंदगी बड़े आराम से चल रही थी। लेकिन उनके दिल में अभी भी एक दूसरे से मिलने की चाहत थी और उन्हें एक उम्मीद थी कि वो एक दिन जरूर मिलेंगे।

एक दिन अचानक, राखी की तबीयत ख़राब हो गयी। वो इतनी बीमार हुयी कि उसे हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ा। ये किस्मत ही थी की संगीता उसी हॉस्पिटल में डॉक्टर थी। संगीता को पता चला कि राखी एक बीमारी से जूझ रही थी। उसके दिल में छेद था जिस कारण वह मौत के बिलकुल नजदीक थी। अगर इस समय वो कुछ कर सकती थी तो बस एक ही इलाज से और वो इलाज था हृदय प्रत्यारोपण (heart transplant)। उसके लिये राखी को एक दिल की जरूरत थी। लेकिन कहीं भी दिल का इंतजाम न हो सका।

सब उम्मीद छोड़ चुके थे। कोई मदद के लिए आगे आने को तैयार नहीं था। उसका मरना अब पक्का था। पर शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। एक करिश्मा हुआ और डॉक्टरों ने राखी को बचा लिया। किसी ने उसे अपना दिल दे दिया था। ये और कोई नहीं संगीता ही थी। जिसने राखी को अपना दिल देकर नई जिंदगी दी।

ये दोस्ती की एक महान मिसाल थी। संगीता ने ये साबित कर दिया था की एक सच्चा दोस्त वही होता है जो लाख मुसीबतों के बावजूद दोस्ती के रास्ते पर ईमानदारी से चलता है।


दोस्तों, आज ब्लॉग में ये कहानी जोड़ कर हम आप लोगों के लिए एक नया मौका लेकर आये हैं। जिसके द्वारा आप हमें अपनी कहानी e-mail द्वारा या facebook के पेज पर भेज सकते हैं। कहानी के साथ आपका पता और संपर्क करने की जानकारी अवश्य दें। कहानी का हमारी टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। और आपकी कहानी चुने जाने पर हम उस कहानी को आपके नाम के साथ अपने ब्लॉग में प्रकाशित करेंगे।

दोस्तों आप लोगों को ये कहानी कैसी लगी अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें और नए लेखकों को प्रोतसाहित करें। जिस से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। हमने तो अपना काम कर दिया।
धन्यवाद।
(नोट :- लोगों द्वारा भेजी गयी कहानियों के copyright की हम पुष्टि नहीं करते। इसलिए अगर किसी को कोई शिकायत या कोई अन्य समस्या हो तो कृपया पहले ADMIN से संपर्क करें।)

हमसे जुड़िये
हमारे ईमेल सब्सक्राइबर लिस्ट में शामिल हो जाइये, और हमारे नये प्रेरक कहानी, कविता, रोचक जानकारी और बहुत से मजेदार पोस्ट सीधे अपने इनबॉक्स में पाए बिलकुल मुफ्त। जल्दी कीजिये।
We respect your privacy.

 

Sandeep Kumar Singh

बस आप लोगों ने देख लिया जीवन धन्य हो गया। इसी तरह यहाँ पधारते रहिये और हमारा उत्साह बढ़ाते रहिय्रे। वैसे अभी तो मैं एक अध्यापक हूँ साथ ही इस अपने इस ब्लॉग क लिए लिखता हूँ। लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है आप लोगों के विचार। अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं। जिससे हम उन पर काम कर के आपकी उमीदों पर खरे उतर सकें। धन्यवाद।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *