हिंदी दिवस पर कविता – हिंदी हमारी है | Poem On Hindi Diwas In Hindi

मेरे एक रचनाकार बनने के पीछे हिंदी भाषा का बहुत बड़ा योगदान रहा है। यदि आज मैं इस ब्लॉग के जरिये अपनी एक छोटी सी पहचान बनाने में कामयाब हुआ हूँ तो उसका सबसे पहला श्रेय हिंदी को ही जाता है। मेरे जीवन में हिंदी का जो महत्त्व रहा है उसे आज हिंदी दिवस के अवसर पर मैं शब्दों की सहायता से आप सब तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा हूँ। आशा करता हूँ कि आप सबको यह रचना ” हिंदी दिवस पर कविता ” पसंद आएगी। :-

हिंदी दिवस पर कविता

हिंदी दिवस पर कविता

है जिसकी शान निराली
जिसकी हर बात न्यारी है,
सभी भाषाओं से प्यारी
हमें हिंदी हमारी है।

बचपन से लबों पर है
इससे ही मान है मेरा,
जहन में रात दिन मेरे
रहे इसका ही बसेरा,
ये देवी है विचारों की
तन ये इसका पुजारी है,
सभी भाषाओं से प्यारी
हमें हिंदी हमारी है।

बचाए सभ्यता को जो
ये भारत की वही आशा,
मिला कर रखती है सबको
जनमानस की है ये भाषा,
लिखे साहित्य की इसने
सुंदरता निखारी है,
सभी भाषाओं से प्यारी
हमें हिंदी हमारी है।

इसी में गाता हूँ अक्सर
इसी में गुनगुनाता हूँ,
इसी में मन के भावों
कलम से लिखता जाता हूँ,
यही वो भाषा है जिसने
मेरी हालत सुधारी है,
सभी भाषाओं से प्यारी
हमें हिंदी हमारी है।

पिता की डांट से लेकर
माँ की लोरी है हिंदी से,
प्रेम ही प्रेम फैलाती
मिटती है दूरी हिंदी से,
इसी के साथ जीवन की
सभी घड़ियाँ गुजारी हैं,
सभी भाषाओं से प्यारी
हमें हिंदी हमारी है।

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धन्यवाद।

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  1. Avatar Jitendra