ईश्वर भक्ति पर कविता :- प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान | हिंदी धार्मिक कविता

संसार में हर व्यक्ति उस इश्वर से कुछ न कुछ मांगता जरूर है। कोई पैसा मांगता है कोई गाड़ी मांगता है। इसी तरह सब की अलग-अलग इच्छा होती है। परन्तु क्या यह सही है? शायद नहीं, हमें इश्वर से सदबुद्धि मांगनी चाहिए जिस से हम एक अच्छा जीवा जी सकें और अन्य लोगों के काम भी आ सकें। हमारा मन इश्वर भक्ति में लगा रहे। ऐसी ही सोच पर आधारित है यह ईश्वर भक्ति पर कविता :-

ईश्वर भक्ति पर कविता

ईश्वर भक्ति पर कविता

सच्चे मार्ग पर चलें सदा प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान
न भटके कहीं मन ये मेरा लगा रहे बस आप में ध्यान
सच्चे मार्ग पर चलें सदा, प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान।

न मांगें हम हीरे मोती न मांगे सोना चांदी
हमको न होने देना बुरी चीजों का आदी,
बस अपने चरणों में देना हमको थोड़ा स्थान
सच्चे मार्ग पर चलें सदा, प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान।

जब भी पड़े मुसीबत हम धैर्य कभी न खोएं
ऊँचें मकान भले न हों चैन की नींद हम सोयें,
जीवन में ऐसे कर्म करें कि बना रहे सम्मान
सच्चे मार्ग पर चलें सदा, प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान।

करें बड़ों का आदर मिले उनका आशीर्वाद
कृपा आपकी बनी रहे जग सदा रहे आबाद,
दिल में प्रेम दया बसे बने ऐसे हम इन्सान
सच्चे मार्ग पर चलें सदा, प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान।

हृदय में सेवा भाव रहे न मन में रहे अहंकार
जो भी हमने स्वप्न हैं देखें करना सब साकार,
हर जन के मुख पर तुम रखना एक मीठी मुस्कान
सच्चे मार्ग पर चलें सदा प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान।

न भटके कहीं मन ये मेरा लगा रहे बस आप में ध्यान
सच्चे मार्ग पर चलें सदा, प्रभु ऐसा दो हमको ज्ञान।

‘ ईश्वर भक्ति पर कविता ‘ के बारे में अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं।

धन्यवाद।

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