अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर लेख | Antarrashtriya Mahila Diwas Par Lekh

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य

हमारे समाज में औरतों को पुरुषों के बराबर नहीं समझा जाता। यह हाल मात्र हमारे देश भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया में और भी ऐसे कई देश हैं जहाँ पुरुषों को महिलाओं से श्रेष्ठ माना जाता है। महिलाओं को आगे लाने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और इसके साथ ही हर लिंग, आयु, जातीयता, नस्ल, धर्म और देश के लोगों को एक साथ लाना और दुनिया में लैंगिक समानता बनाना ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य है।

आइये जानते हैं इस लेख में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है , क्यों मनाया जाता है और कैसे मनाया जाता है?

महिला दिवस क्यों मनाया जाता है

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 100 साल पहले 1911 में हुई थी। लेकिन इसके कारण बनना सन 1908 में ही शुरू हो गए थे जब 15,000 महिलाओं ने कम घंटे काम करने, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार की मांग करते हुए न्यूयॉर्क शहर में प्रदर्शन किया था।

महिलाओं के इस प्रदर्शन के समर्थन में सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ अमेरिका ने कार्यकर्ता थेरेसा सेबर मलकील (Theresa Serber Malkiel ) सन 1909 में फ़रवरी महीने के आखिरी रविवार को राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की घोषणा की। जिसके अनुसार महिलाएं 1913 तक फरवरी के आखिरी रविवार को राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मनाती रहीं। यह दिवस बस अमेरिका में ही राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता था।

महिला दिवस कब मनाया जाता है

अगस्त 1910 में डेनमार्क के कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें क्लारा ज़ेटकिन (Clara Zetkin ) नाम की एक महिला ने एक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाए जाने के विचार को रखा। 17 देशों से आई हुयी 100 महिलाओं ने दुनिया भर की महिलाओं के लिए मताधिकार सहित समान अधिकारों को बढ़ावा देने की रणनीति के रूप में इस विचार पर सहमती जतायी।

महिला दिवस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा यह तो तय हो गया था लेकिन कब मनाया जाएगा या नहीं निश्चित किया गया। 19 मार्च, 1911 को ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।

रूसी महिलाओं ने जूलियन कैलेंडर के अनुसार फरवरी के आखिरी रविवार, 23 फरवरी, सन 1913 को अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। अभी चलने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर  के हिसाब से यह तारीख 8 मार्च बनती थी। उस समय ही सबकी सहमती से पूरे विश्व में 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाने लगा।

ऐसा भी माना जाता है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च, 1914 को जब जर्मनी में आयोजित किया गया था, संभवतः उस दिन रविवार था, और उसके बाद हमेशा 8 मार्च को सभी देशों में इसका आयोजन किया जाता है।

कब मिली औपचारिक मान्यता

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में 8 मार्च को मनाया जा रहा था मगर इसे औपचारिक मान्यता मिली 1975 में जब संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र ने सन 1975 को अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष के रूप में महिलाओं को समर्पित किया।

कैसे मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में मनाया जाने वाला दिवस है। इस दिवस पर महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाता है। यह दिन लैंगिक समानता में तेजी लाने का भी सन्देश देता है। दुनिया भर में इस दिवस को लेकर महत्वपूर्ण गतिविधि देखी जाती है। कई समूह  महिलाओं की उपलब्धियों या महिलाओं की समानता के लिए रैली निकलने के लिए एक साथ आते हैं।

कुछ स्थानों पर, यह विरोध का दिन है; दूसरों में, यह दिन नारीत्व को समर्पित है।

” अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर लेख ” आपको कैसा लगा? अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स के मद्ध्यम से बताना न भूलें।

पढ़िए 8 मार्च महिला दिवस को समर्पित यह रचनाएं :-

धन्यवाद।

Add Comment

आधुनिक महापुरुषों के गुरु कौन थे?