पेड़ पौधों पर कविता :- पेड़ पौधे हमारी शान | वृक्षों का महत्व पर कविता

वृक्ष हमारे जीवन के बहुत लाभदायक हैं। इनसे हमें लकड़ी, गोंद, रबड़, फल आदि बहुत सी चीजें प्राप्त होती हैं। इसके बावजूद हम अपने मतलब के लिए इन बेजुबान पेड़ों को काटते रहते हैं। जिसका असर हमारे पर्यावरण पर साफ़ देखा जा सकता है। यदि जल्द ही इन पेड़ों कि अंधाधुंध कतई को न रोका गया तो जल्द ही इस धरती पर इन्सान का अस्तित्व मिट जायेगा। यही सन्देश दे रहे हैं हरीश चमोली जी इस पेड़ पौधों पर कविता के जरिये। आइये पढ़ते हैं कविता पेड़ पौधों पर कविता में :-

पेड़ पौधों पर कविता

पेड़ पौधों पर कविता

इक दिन धरती पर सब मिटता नजर आयेगा
धीरे-धीरे सब धरा से नष्ट हो जाएगा
जब-जब बरसेगा प्रकृति का कहर
तब-तब सबके जीवन मे कष्ट आयेगा,

काटने से पेड़ों-पौधों को
बढ़ रहा पर्यावरण का तापमान है
क्षतिग्रस्त कर जंगलों को
सब बना रहे अपने घर-मकान हैं,

गर्म हो रही धरती अपनी
कैसी लगी ये भीषणआग है
अकाल पड़ने से मृत्यु हो रही
खाने को न बचता अनाज है,

कहीं सूखे की मार तो कहीं
दूषित हवा से इंसान बीमार है
नदियों का जल है सूख रहा
इंसान झूठी शान को लाचार है,

काट रहे क्यों पेड़ों को
क्यों न मन मे आता कभी विचार
कि इनसे ही शुद्ध वायु है होती
इनसे ही है जीवन का आधार,

कौन बचाए धरा को होने से यूँ वीरान
मानव खुद ही बना हुआ इनके लिए शैतान
अगर अब भी न हम संभले तो
यह धरा होगी एक दिन श्मशान,

पेड़ पौधे हमारी धरोहर हैं
इनसे ही ऋतुओं की बहार है
न करो मानव तुम इनका संहार
ये ईश्वर के अमूल्य उपहार हैं,

लगाकर पेड़ पौधौं को तुम
प्रकृति का श्रृंगार करो
वर्षा का आवाहन करके
इस जीवन का उद्धार करो,

धरती पर न भूस्खलन होगा
वन संपदा का जब होगा सरंक्षण
ऑक्सीजन-पानी भी भरपूर मिलेगा
खुश होगा धरा का हर कण,

पेड़ देते हैं सुंदर छाँव
फिर तुम क्यों इनको देते घाव
क्यों न सोचते हो यह कि
पेड़ पौधों के भी होते कुछ भाव,

तुमारी कुल्हाड़ी की मार से
उनके भी बहते आंसू हैं
फिर भी निस्वार्थ भाव से सदैव
बने रहते सबके हितांशू हैं,

पेड़ पौधे ही प्रकृति की शान हैं
इनसे ही बचे धरती पर इंसान हैं
रोक लो वृक्षों की कटाई को
अगर बचा जरा सा भी ज्ञान है।

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शिक्षक पर कवितामेरा नाम हरीश चमोली है और मैं उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल जिले का रहें वाला एक छोटा सा कवि ह्रदयी व्यक्ति हूँ। बचपन से ही मुझे लिखने का शौक है और मैं अपनी सकारात्मक सोच से देश, समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जीवन के किसी पड़ाव पर कभी किसी मंच पर बोलने का मौका मिले तो ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।

‘ पेड़ पौधों पर कविता ‘ के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

धन्यवाद।

2 Comments

  1. Avatar Sukhmangal singh
  2. Avatar Aryan

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