पहले प्यार की कविता :- हर इबादत बंदगी लगने लगी | प्यार भरी कविता हिंदी में

जीवन में पहले प्यार की ख़ुशी एक ऐसी ख़ुशी होती है जिसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। अक्सर लोग पहले प्यार का जिक्र तभी करते हैं जब वह सफल हो जाता है नहीं तो इस बारे में बात करना वो पसंद नहीं करते। ऐसे कुछ ही लोग होते हैं जो पहले प्यार को शब्दों में बयान कर पाते हैं। आइये पढ़ते हैं ऐसी ही पहले पहले प्यार की कविता :-

पहले प्यार की कविता

पहले प्यार की कविता

मेरी हर इबादत बंदिगी लगने लगी
आने से तुम्हारे जिंदगी सँवरने लगी,
तेरे आने से पहले हर राह सीधी थी
न जाने ये जिंदगी अब किधर मुड़ने लगी?

तेरे प्यार में दिनों दिन मेरी दीवानगी बढ़ती है
भूख लगे न प्यास बस तेरी चाहत पलती है,
तेरे जिस्म की खुशबू में ये रूह मिलती जाती है
तेरे आने की ख़ुशी में, ये आँखें नम सी लगने लगी,
न जाने ये जिंदगी अब किधर मुड़ने लगी?

तुझको बाहों में भरने की अब ख्वाहिशें जागती हैं
देखकर तेरा हसीन रूप, मन में उमंगें भागती हैं,
रिमझिम सी बारिश जब पेड़ों पर गिरने लगी
तब पत्तों पे गिरी मुझे शबनम सी लगने लगी,
न जाने ये जिंदगी अब किधर मुड़ने लगी?

भटकी हुयी मेरी जिंदगी अब शांत सी हो रही है
तेरे ख्वाबों में मेरी आँखें जाग कर भी सो रही हैं,
मेरी हर इबादत हर दुवाओं में बस तू है अब
आने से तेरे मेरी ये जिंदगी सँवरने लगी.
न जाने ये जिंदगी अब किधर मुड़ने लगी?

मेरी हर इबादत बंदिगी लगने लगी
आने से तुम्हारे जिंदगी सँवरने लगी,
तेरे आने से पहले हर राह सीधी थी
न जाने ये जिंदगी अब किधर मुड़ने लगी?

पढ़िए प्यार से संबंधित यह बेहतरीन रचनाएं :-


शिक्षक पर कवितामेरा नाम हरीश चमोली है और मैं उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल जिले का रहें वाला एक छोटा सा कवि ह्रदयी व्यक्ति हूँ। बचपन से ही मुझे लिखने का शौक है और मैं अपनी सकारात्मक सोच से देश, समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जीवन के किसी पड़ाव पर कभी किसी मंच पर बोलने का मौका मिले तो ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।

‘ पहले प्यार की कविता ‘ के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढने का मौका मिले।

धन्यवाद।

Add Comment

25 Famous Deshbhakti Naare and Slogan आधुनिक महापुरुषों के गुरु कौन थे?