दिवाली शायरी :- दीपावली पर शुभकामना सन्देश शायरी

खुशियों और दीपों से भरा त्यौहार दीपवाली। जिसके प्रति सबके मन में उत्साह और खुशियों का भाव रहता है। ऐसे में हर कोई अपने प्रियजनों को, दोस्तों को और परिवारजन को दिवाली की शुभकामनायें देना चाहता है। साधारण शब्दों को छोड़ यदि यह शायरी के रूप में हो तो और भी मन को भाता है। तो फिर चिंता किस बात की पढ़िए और दुसरे लोगों के साथ भी सहरे करें दिवाली शायरी :-

दिवाली शायरी

दिवाली शायरी

1.

अँधेरा कितना भी घना हो एक दिया राह दिखा देता है,
बढ़ते रहें लगातार कदम तो हमें मंजिल पर पहुंचा देता है,
दिवाली तो पर्व है खुशियों के आगमन का इसलिए
आपकी जिंदगी खुशनुमा हो जाए ये दिल दुआ देता है।

2.

साफ़ शुरू हो गयी है सब घर को चमका रहे हैं
लक्ष्मी जी के आगमन को द्वार सजा रहे हैं,
आपके घर में भी आयें खुशियाँ ढेर सारी
उस भगवान से हम हर पल यही मना रहे हैं।

3.

खुशियों से भर जाए घर तुम्हारा
और गम सदा जिंदगी से दूर रहें,
दीप जलता रहे मन में ज्ञान का
तुम्हारे चेहरे पर सदा एक नूर रहे।

4.

इस दिवाली प्राण ये लें कि ज्ञान का प्रकाश फैलाएंगे
सबको करेंगे शिक्षित और अज्ञान का अँधेरा मिटायेंगे।

5.

राहें कितनी भी कठिन हों
तुम अपनी हिम्मत यूँ ही बनाये रखना,
हार जाओ तुम चाहे हजार दफा
जीत की उम्मीदों के दिये जलाये रखना।

6.

खुशियों की लहर को बढ़ाते चलो
सदा ही तुम मुस्कुराते चलो,
न रहे अँधेरा नफरत का और दुश्मनी का
प्यार का दिया तुम जलाते चलो।

7.

घर में धन की वर्षा हो
दीपों से चमकती शाम आये,
सफलता मिले हर काम में तुम्हें
खुशियों का सदा पैगाम आये।

8.

जला है दीप हुआ उजाला रौशनी ने है रात में डेरा डाला
लक्ष्मी जी हैं आने वाली फूलों की सजा रखी है माला,
हो गयी है सब साफ सफाई रंगोली भी है घर में सजाई
ऐसा आया त्यौहार है कि हर कोई बना हुआ मतवाला।

9.

खुशियों ने है धूम मचाई, दिखाई है अपनी अदा निराली
सज गयी गलियाँ सज गए घर हैं आ गयी है आज दिवाली।

10.

सबसे पहले घर को सजाओ, फिर पूजा में शीश नवाओ,
दीप जला सब रोशन कर दो ऐसे तुम दिवाली मनाओ।

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11.

दीपों से है सज गया ये दीपों का त्यौहार,
सब लोगों के दिल में आज खुशियाँ बहुत अपार,
मिल कर सब हैं धूम मचाते
हर ओर ही प्यार की छा गयी बहार।

12.

दीप जलें उम्मीदों के रोशन हर काली रात हो
दिल में दबी हर ख्वाहिश आज आज़ाद हो,
कष्ट मिटे सब जीवन के, हर खुशियाँ आबाद हों,
सुखा संपदा घर में बस जाए, भगवान् का ऐसा आशीर्वाद हो।

13.

लक्ष्मी जी के आगमन में है सबने दीपों की माला सजाई,
दिवाली के इस पावन अवसर पर आपको कोटि-कोटि बधाई।

14.

जगमग-जगमग दीप जल रहे आज तो चारों ओर
ऐसी रोशन हुयी है धरती जिसका नहीं है कोई भी छोर,
रंगोली है सजा ली सबने लक्ष्मी जी हैं आने वाली
यही कमाना मेरी है की खुशियों से भरी हो आपकी दिवाली।

15.

खुशियों के इस त्यौहार में जब
दीपों की माला सज जाती है,
ये रात अँधेरी काली अमावस की
तब पूर्णिमा में बदल जाती है।

16.

रोशन हुयी है नगरी सारी
लोगों ने खुशियों के गीत गाये हैं,
धन्य हो गयी है धरा अयोध्या की
जो भगवान् राम वनवास काट कर आये हैं।

17.

बारिश हो घर खुशियों की
लक्ष्मी जी भी घर में आयें
जल जाएँ सब दुःख आपके
जब दिवाली पर दीया जलाएं।

18.

मत जलाओ पटाखे मत जलाओ अनार
इन सब से हो जाती अपनी धरती बीमार,
भुला दो नफरत सारी दिल से याद रखो बस प्यार
बस प्रदुषण मत होने देना चाहे दीये जलाओ हजार।

19.

खुशियों का बाग़ लगे आँगन में
वो रात भी किस्मत वाली हो
दीपों से चमकता घर हो सारा
ऐसी मुबारक आपकी दिवाली हो।

20.

चलो आज हम दीप जलाएं
मिलकर हम सब खुशियाँ मनाएं,
भगवान् ने हमकों दी हैं खुशियाँ
तो क्यों ना सबको बाँट के आयें ?


अप्रतिमब्लॉग की तरफ से सभी पाठकों को दीपवाली की हार्दिक शुभकामनाएं। ये ‘ दिवाली शायरी ‘ शायरी संग्रह के शेर पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ायें। और हाँ, अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

Sandeep Kumar Singh

ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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