तारे क्या हैं ? तारों के जीवन से जुड़ी हुयी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

तारे क्या हैं ? रात को आसमान में आप कई टिमटिमाते तारे देखते होंगे। कभी सोचा है ये तारे कैसे बनते हैं? कितने तारे हैं आसमान में? और क्यों टिमटिमाते हैं ये तारे? नहीं? तप कोई बात नहीं आइये जानते हैं इन सब सवालों के जवाब इस लेख ” तारे क्या हैं ? ” में :-

तारे क्या हैं ?

तारे क्या हैं ?

एक तारा स्वयं-प्रकशित खगोलीय पिंड होता है। जो गैसों से मिलकर बना होता है। जिसका खुद का गुरुत्वाकर्षण इन गैसों को बाँध कर रखता है। यह बहुत ज्यादा गर्म होते हैं।

सूरज भी है एक तारा

सूर्य के बारे में 30 रोचक जानकारियांये तो शायद आप जानते ही होंगे कि सूरज भी एक तारा है। और अगर आपके मन में ये सवाल आता कि ये बाकि तारों से बड़ा क्यों दिखता है तो इसका कारन इसका हमारे ग्रह के पास होना है। बाकी तारे हमसे बहुत दूर हैं इसलिए छोटे नज़र आते हैं। एक बात और गौर करने वाली ये हैं कि ब्रह्माण्ड में ऐसे कई तारे हैं जो सूरज से ज्यादा चमकते हैं और ज्यादा ताकतवर होते हैं। बस धरती से दूरी होने के कारन हमें उनकी ताकत का अंदाजा नहीं होता।

कैसे बनते हैं तारे ?

तारे गैस और धूल के बादलों ( जिसमें धूल, हाइड्रोजन गैस, हीलियम गैस और अन्य आयनीकृत प्लाज़्मा गैसे उपस्थित हों ) में पैदा होते हैं जिन्हें नेब्युला कहा जाता है। हमारा सूर्य और सौर मंडल एक नेब्युला से बना है।

नेब्युलानेब्युला में मौजूद गैस और धूल के बादल गुरुत्वाकर्षण के कारन अन्दर की और सिमटते जाते हैं। इस से नेब्युला का घनत्व और तापमान बढ़ता जाता है। फिर एक समय ऐसा आता है जब तापमान इतना बढ़ जाता है कि नेब्युला में परमाणु संलयन (Nucear Fusion) शुरू हो जाती है। इसके बाद इसमें से प्रकाश उर्जा निकलने लगती है और एक तारे का निर्माण हो जाता है।

तारे क्यों टिमटिमाते हैं ?

तारों के टिमटिमाने का कारन है हमारा वायुमंडल। जी हाँ, वैसे तो तारे टिमटिमाते नहीं लेकिन वायुमंडल की अलग-अलग चलायमान सतहें होने के कारन तारों का प्रकाश धरती तक आते-आते कई बार अपनी दिशा बदलता है। इसके कारन प्रकाश कभी सीधे हमारी आँखों तक पहुँच जाता है और कई बार हमारी आँखों से ओझल हो जाता है। इसलिए ये तारे टिमटिमाते हुए नज़र आते हैं। तारे जितनी दूर होंगे उतने ही ज्यादा टिमटिमाते हैं क्योंकि प्रकाश भी उतना ही कम आएगा।

सूरज, चाँद और अन्य ग्रह क्यों नहीं चमकते ?

सूरज, चाँद और तारे इसलिए नहीं चमकते क्योंकि ये धरती के बहुत करीब हैं। इनका प्रकाश इतना ज्यादा मात्रा में आता है कि वायुमंडल की सतहों से कुछ खास फर्क नहीं पड़ता। इस तरह ये चमकते हुए नज़र नहीं आते। इनका प्रकाश स्थिर लगता है।

तारों की उम्र कितनी होती है

एक बहुत बड़ा तारा 1 करोड़ साल तक जिन्दा रहता है। वहीं एक छोटा तारा 10 अरब साल से लेकर 1 खरब साल तक जीवित रहता है। ये अन्तर इसलिए हैं क्योंकि बड़ा तारा हाइड्रोजन का ज्यादा उपयोग करता है और जल्दी ही हाइड्रोजन ख़त्म हो जाने के कारन ये भरी जवानी में ही चल बसता है। वहीं कम हाइड्रोजन खाने के कारन छोटा तारा लम्बे समय के लिए जीवित रहता है।

तो ये थी तारों के बारे जन्म से लेकर उनकी मृत्यु तक की कहानी। इस लेख को पढ़ कर अगर आपके मन में कोई सवाल आया हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

धन्यवाद।

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Sandeep Kumar Singh

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ये कविताएं, शायरियां और कुछ विचार मेरी खुद की रचनाएं हैं। कुछ नकलची बंदरों ने इन्हें चुरा कर अपने ब्लॉग पर डाल लिया है। असली रचनाएं यहीं हैं। आशा करता हूँ कि यदि आप ये रचनाएं कहीं शेयर करते हैं तो हमारे ब्लॉग का लिंक साथ मे जरूर दें। मैं एक अध्यापक हूँ और अपने इस ब्लॉग क लिए खुद ही लिखता हूँ। धन्यवाद।

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